उज्जैन में धूमधाम से निकली बाबा महाकाल की सवारी, पहली बार शामिल हुए रोबोट और 84 महादेव की झांकी
- भगवान महाकाल ने नगर का भ्रमण कर जाना प्रजा का हाल, पांच स्वरूपों में दिए भक्तों को दर्शन
उज्जैन, 31 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर की सावन भादौ मास की सवारियों की क्रम में सोमवार को पांचवीं सवारी धूमधाम से निकाली गई। इस दौरान अवंतिकानाथ ने नगर का भ्रमण कर अपनी प्रजा का हाल जाना। सवारी में भगवान महाकाल ने पांच स्वरूपों में अपने भक्तों को दर्शन दिए।
सवारी में पहली बार शामिल किया गया रोबोट सबसे अलग आकर्षण रहा। रोबोट ने रामघाट पर भजन की धुन पर डांस किया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। वहीं, सवारी में पहली बार शामिल हुई 84 महादेव की धार्मिक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। करीब 1100 बटुक भी सवारी में शामिल हुए।
आदिवासी दल के कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुति दी। इसके अलावा शहर के विकास पर आधारित झांकियां भी निकाली गईं। सवारी में घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र पुलिस बल, होमगार्ड, भजन मंडली, झांझ मंडली और पुलिस बैंड शामिल रहे। हेलिकॉप्टर से सवारी पर पुष्प वर्षा भी की गई।
उज्जैन में सोमवार शाम करीब चार बजे भगवान महाकाल की पांचवीं और भादौ माह की पहली सवारी श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली। सवारी निकलने से पूर्व महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने भगवान महाकाल का विधिवत पूजन किया। इसके बाद बाबा महाकाल को चांदी की पालकी में विराजित किया गया। जयकारों के बीच सवारी नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई।
बाबा महाकाल की सवारी जैसे ही मंदिर के मुख्य द्वार पहुंची, सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने पालकी में विराजमान बाबा महाकाल को सलामी दी। जुलूस में घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र बल, होमगार्ड, भजन-झांझ मंडलियां और पुलिस बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने झांझ-मंजीरे बजाकर सहभागिता की. वहीं, हेलीकॉप्टर से बाबा महाकाल की सवारी पर पुष्पवर्षा की गई।
सवारी में भगवान श्री महाकाल ने पांच रूप - चांदी की पालकी: श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर: श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर: श्री शिव तांडव, नंदी रथ पर: श्री उमा-महेश और डोल रथ पर: होल्कर स्टेट के पारंपरिक स्वरूप का मुखौटा स्वरूप में नगर का भ्रमण कर अपने भक्तों को दिए। भावा महाकाल की सवारी महाकाल घाटी, गुदरी, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होकर पालकी रामघाट पहुंची, जहां शिप्रा जल से भगवान का अभिषेक किया गया।
रामघाट पर मुख्यमंत्री ने की बाबा महाकाल की आरती
सवारी के रामघाट पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पूजन में शामिल हुए। पुजारी आशीष शर्मा ने पूजन करवाया। मुख्यमंत्री ने भगवान महाकाल की आरती की। इसके बाद मां शिप्रा के जल से बाबा महाकाल का अभिषेक किया गया। इस दौरान घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर जयकारे लगाए और सुख-समृद्धि की कामना की।
महाकाल की सवारी में पहली बार रोबोट को शामिल किया गया। रामघाट पर रोबोट ने भजन की धुन पर डांस किया। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, रोबोट इंदौर की एक निजी कंपनी ने बनाया है। रोबोट को भीड़ में चलने और अव्यवस्था होने पर कंट्रोल रूम को स्वत: सूचना भेजने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। सवारी में शामिल होने से पहले रोबोट की पूजा भी की गई।
इस बार बाबा महाकाल की सवारी में धार्मिक और सांस्कृतिक रंग देखने को मिला। सवारी में 84 महादेव की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। करीब 1100 बटुकों ने भी सहभागिता की, वहीं आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर माहौल भक्तिमय बनाया। इसके साथ ही शहर में चल रहे विकास कार्यों को दर्शाती आकर्षक झांकियां भी सवारी की शोभा बढ़ाती नजर आईं। सवारी के दौरान मध्य प्रदेश पुलिस बल के 300 से अधिक जवानों ने पुलिस बैंड के साथ भक्तिमय और पारंपरिक धुनें प्रस्तुत कीं। मंदिर के गेट नंबर-1 और महाकाल चौराहा पर पुलिस बैंड की प्रस्तुति हुई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर