उज्जैन में महाकाल महोत्सव का भव्य शुभारंभ, शंकर महादेवन के भजनों की सुमधुर प्रस्तुति

 














- मुख्यमंत्री ने महाकालेश्वर मंदिर की नवीन आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल, भक्त निवास के दान एवं सीआरएस पोर्टल का किया शुभारंभ

उज्जैन, 14 जनवरी (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में बुधवार को मकर संक्रांति पर्व की पावन संध्या पर श्री महाकाल महालोक परिसर में पांच दिवसीय महाकाल महोत्‍सव की भव्य शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार देर शाम दीप प्रज्ज्वलन और पूजन अर्चन कर श्री महाकाल महोत्सव का शुभारंभ किया। महोत्सव में पार्श्व गायक शंकर महादेवन ने भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी।

महाकाल महोत्सव ने उज्जैन की सुंदरता को बना दिया स्वर्ग के समानः मुख्यमंत्री

इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री महाकाल की नगरी काल गणना के साथ अब यह नगरी उत्‍सव और आनंद की नगरी के रुप में पहचानी जा रही है। श्री महाकाल महोत्सव से उज्जैन की सुंदरता को स्वर्ग के समान बना दिया है। यहां पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा श्री महाकाल महालोक का शुभारंभ किया गया था। शुभारंभ के बाद पहली बार बाबा श्री महाकाल के आंगन में श्री महाकाल महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है। श्री महाकाल की इस पवित्र नगरी में भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्‍ण के साथ ही भगवान श्री गुरुनानक देव महाराज ने भी यहां आकर इस धरती को धन्‍य किया है।

उन्होंने कहा कि आज की उज्जैन नगरी महाकवि कालिदास की रचनाओं की अवंतिका के समान हो गई है। सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज के काल से अवंतिका नगरी न्याय और प्रशासनिक दक्षता की वाहक है। सम्राट विक्रमादित्य, राजा भोज और अवंतिका नगरी की अन्य महान विभूतियों और प्रेरक कहानियों को श्री महाकाल महालोक में मूर्ति कला और दीवारों पर चित्रों के माध्यम से बड़ी सुंदर तरीके से दर्शाया गया है।

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि‍ बाबा श्री महाकाल के डमरू की कल्पना भी बहुत सुंदर है। जिसमें बारिश की बूंद गिरते हुए तालाब नदी पर जो आवाज करती है उसी आवाज से मिलकर डमरू वादन का सृजन हुआ है। बाद के सारे यंत्र उससे जुड़ते चले गए जिसके माध्यम से संगीत की बहुत समृद्ध परंपरा हमारे शास्त्रीय संगीत के माध्यम से नाना प्रकार से दुनिया ने सीखी है।

महाकाल महोत्सव श्रद्धालुओं को आध्यात्म, धर्म और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा से जोड़ने का माध्यम

उन्होंने कहा कि श्री महाकाल की नगरी काल की नगरी है। श्री महाकाल की कृपा से हमारी प्रत्येक सांस है और प्रेरणा से यह जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित है। प्रदेश ने धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर अपनी नवीन पहचान स्थापित की है। श्री महाकाल महोत्सव श्रद्धालुओं को आध्यात्म, धर्म और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ने का माध्यम है। इससे श्रद्धालुओं को बाबा का आशीर्वाद भी मिलेगा और उज्जैन की जानकारी भी मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग है और दोनों ज्योतिर्लिंग की कनेक्टविटी सड़क, वायु और रेल मार्ग से बढ़ाकर श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान की जा रही है। उज्जैन में तो शक्ति पीठ माता गढ़ कालिका भी है, साथ ही यहाँ शिप्रा के किनारे गुरुद्वारा है जहां श्री गुरु नानक जी आए और उज्जैन का उल्लेख अपने पदों में किया है। उज्जैन की विविधता और समरसता निराली है।

उन्होंने कहा कि उज्जैन में सावन महोत्सव 2003 के बाद शुरू किया गया। अब शिवरात्रि से लेकर गुड़ी पड़वा तक उज्जैन में मेलों का आयोजन हो रहा है। उज्जैन में आयोजित विविध कार्यक्रमों और मेलों के माध्यम से पर्यटनों को इतिहास और संस्कृत से जोड़ रहे हैं और सभी का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और ग्वालियर में आयोजित व्यापार मेले में वाहनों में कर की छूट भी सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है। इस परम्परा को ओर समृद्ध बनाकर अब भोपाल के साथ उज्जैन में भी पांच दिवसीय वन मेला दशहरा मैदान पर आयोजित किया जाएगा। इसमें विभिन्न वन उत्पाद नागरिक प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संगीत की समृद्ध परंपरा में डमरू सबसे पहला वाद्य यंत्र है। संगीत की समृद्ध परंपरा में अन्य यंत्र इसके बाद बने है। शंकर महादेवन द्वारा दी जाने वाली डमरू वाद्य यंत्र पर प्रस्तुति अद्भुत होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल्द ही जिले को इंदौर उज्जैन सिक्स लेन, हरिफटक पुल सिक्स लेन, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आदि की सौगात मिलेगी। साथ ही जिले में अन्य विकास के कार्य भी किए जा रहे है। जिले में 25 जनवरी को राहगीरी का आनंद उत्सव भी आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री महाकालेश्वर मंदिर की नवीन आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in का शुभारंभ किया। साथ ही 600 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले श्री महाकालेश्वर भक्त निवास के दानदाताओं के लिए वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/bhaktniwas का भी शुभारंभ किया। इसके पश्‍चात श्री महाकाल महोत्सव में प्रसिद्ध पार्श्‍व गायक शंकर महादेवन द्वारा ‘शिवोऽहम्’ एवं अन्‍य प्रसिद्ध भजनों की रंगारंग प्रस्‍तुति दी। जिसने उपस्थित नागरिकों व कलाप्रेमियों का मन मोह लिया।

वीर भारत न्यास, विक्रमादित्य शोध पीठ तथा महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह महोत्सव 18 जनवरी 2026 (विक्रम संवत 2082) तक चलेगा।

महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सत्य नारायण जटिया, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, रवि सोलंकी, नरेश शर्मा, श्रीराम तिवारी, रूप पमनानी आदि जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर