(अपडेट) ट्विशा शर्मा मौत मामलाः सीबीआई ने 80 किलो की डमी लेकर पति-सास के सामने क्राइम सीन किया रीक्रिएट

 


भोपाल, 01 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने सोमवार को सास-पति के सामने 80 किलो की डमी के साथ घटनाक्रम का एक बार फिर रि-क्रिएशन किया। यह प्रक्रिया करीब दो घंटे चली।

सीबीआई की टीम सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे मामले में आरोपित पति समर्थ सिंह और सास (सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश) गिरीबाला सिंह को लेकर बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित उनके घर पहुंची। इस दौरान सीबीआई ने 80 किलो वजन की डमी के साथ घटना की परिस्थितियों को दोबारा समझने का प्रयास किया। करीब दो घंटे तक चली इस प्रक्रिया में सीबीआई ने अब तक सामने आए तथ्यों को घटनास्थल की परिस्थितियों से मिलाने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर कटारा हिल्स थाना पुलिस ने पहले से ही घर के बाहर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।

जांच के दौरान अधिकारियों ने घर की छत पर बने उस एंगल का निरीक्षण किया, जहां ट्विशा शर्मा कथित तौर पर फंदे पर लटकी मिली थीं। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार ट्विशा का वजन करीब 80 किलो था। इसी आधार पर सीबीआई टीम 80 किलो वजनी डमी लेकर पहुंची और उसे उसी स्थान पर फंदे से लटकाकर पूरे घटनाक्रम का रि-क्रिएशन किया। सीबीआई ने समर्थ सिंह और गिरीबाला सिंह द्वारा पहले पुलिस एवं जांच एजेंसी को दिए गए बयानों के आधार पर घटनाक्रम को दोहराया। जांच के दौरान यह भी देखा गया कि फंदे से शव को किस प्रकार नीचे उतारा गया था और उस समय कौन-कौन लोग मौजूद थे।

केन्द्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपित पति समर्थ सिंह ने अपने बयान में कहा है कि उसने ट्विशा के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की थी। उसका दावा है कि शरीर पर आई चोटें फंदे से नीचे उतारने और अस्पताल ले जाने की जल्दबाजी के दौरान लगी हो सकती हैं। वहीं सीबीआई का फोकस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों और घटनास्थल की परिस्थितियों के बीच सामंजस्य स्थापित करने पर रहा।

सूत्रों के अनुसार रि-क्रिएशन के दौरान भी जांच अधिकारियों को यह स्पष्ट नहीं हो सका कि ट्विशा के शरीर पर पाई गईं कई चोटें किस परिस्थिति में लगीं। इसी बिंदु को लेकर सीबीआई ने समर्थ सिंह और गिरीबाला सिंह से दोबारा पूछताछ की है। जांच एजेंसी के अधिकारी अब घटनास्थल मेडिकल रिपोर्ट और आरोपितों के बयानों का मिलान कर मामले की अंतिम कड़ियां जोड़ने में जुटी हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने उस डॉक्टर को भी पूछताछ के लिए बुलाया है, जिसने ट्विशा को अबॉर्शन कराने की सलाह दी थी। इसके अलावा टीम यह भी पता लगा रही है कि ट्विशा का शव सबसे पहले किसने देखा, उसे फंदे से किसने उतारा और अस्पताल तक कैसे पहुंचाया गया।

एफआईआर के बाद तीन दिन भोपाल में रहा समर्थ

समर्थ की फरारी को लेकर सीबीआई को पता चला है कि 15 मई को एफआईआर दर्ज होने के बाद समर्थ ने तत्काल शहर नहीं छोड़ा था। करीब तीन दिन भोपाल में ही रहा। इसके बाद वह जबलपुर पहुंचा, जहां उसने करीब पांच दिन तक फरारी काटी। अब सीबीआई इस पूरी अवधि के दौरान उसकी गतिविधियों, संपर्कों और उसे मिली संभावित मदद की पड़ताल कर रही है। सीबीआई अब उन लोगों की पहचान में जुटी है, जिन्होंने एफआईआर दर्ज होने के बाद समर्थ की प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मदद की हो सकती है। जांच में उसके मोबाइल संपर्क, लोकेशन, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल चैट खंगाली जा रही हैं। यदि किसी व्यक्ति की भूमिका फरारी में सहयोग देने की पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर