मप्र के माधव टाइगर रिजर्व में बाघिन एमटी-3 ने दो शावकों को दिया जन्म
भोपाल, 24 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में बाघ संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। शिवपुरी जिले में स्थित राष्ट्रीय उद्यान माधव टाइगर रिजर्व की बाघिन एमटी-3 को लगभग तीन माह के दो शावकों के साथ देखा गया है।
जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि यह इस बाघिन का दूसरा प्रसव है। इसके साथ ही 10 मार्च 2023 को शुरू हुए बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम के बाद माधव टाइगर रिजर्व में बाघों का तीसरा प्रसव दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की स्थायी और प्रजननशील आबादी विकसित करने की दिशा में हो रही प्रगति को दर्शाती है। बाघों की सफल प्रजनन प्रक्रिया रिजर्व में अनुकूल वन्यजीव आवास और संरक्षण प्रयासों के महत्व को भी रेखांकित करती है।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, बाघिन एमटी-3 ने इससे पहले भी दो शावकों—एक नर और एक मादा—को जन्म दिया था। ये दोनों शावक अब लगभग 28 माह के हो चुके हैं। नए शावकों के जन्म के साथ माधव टाइगर रिजर्व शिवपुरी में अब दो प्रसव योग्य बाघिनें और यहीं जन्मे 6 बाघ हो गए हैं। रिजर्व में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ वन क्षेत्र के मैदानी अमले, पशु चिकित्सा दल, रिजर्व प्रबंधन और वरिष्ठ नेतृत्व के निरंतर प्रयासों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। बाघों का तीसरा प्रसव दर्ज होना प्रदेश में बाघ पुनर्स्थापना और संरक्षण कार्यक्रम के लिए उत्साहजनक उपलब्धि है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर