दुर्लभ जलीय वन्यजीवों की तस्करी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर मप्र की बड़ी कार्रवाई
- इंटरपोल मुख्यालय फ्रांस ने तस्कर तालुकदार के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस किया जारी
भोपाल, 11 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश वन विभाग की स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने दुर्लभ जलीय वन्यजीवों की तस्करी से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। एसटीएसएफ की विस्तृत जांच और एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर इंटरपोल मुख्यालय फ्रांस ने बांग्लादेश के फरार आरोपित अल हज शफीकुल इस्लाम रहमान तालुकदार उर्फ रेमंड तालुकदार के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है।
जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने सोमवार को बताया कि यह कार्रवाई वन्यजीव अपराधों के विरुद्ध मध्य प्रदेश की सक्रिय और प्रभावी रणनीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी मान्यता के रूप में देखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने जुलाई-2025 में मुरैना जिले में कार्रवाई करते हुए घड़ियाल के 30 बच्चे, 17 रेड-क्राउन्ड रूफ्ड टर्टल तथा 19 थ्री-स्ट्राइप्ड रूफ्ड टर्टल बरामद किए थे। इस मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना में सामने आया कि यह संगठित गिरोह दुर्लभ जलीय वन्यजीवों की तस्करी कर पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजता था, जहां से इन्हें म्यांमार, थाईलैंड, मलेशिया सहित दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में सप्लाई किया जाता था।
मध्य प्रदेश की एसटीएसएफ ने अन्य राज्यों में भी समन्वित कार्रवाई करते हुए इस प्रकरण में अब तक छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मार्च 2026 में देश के बड़े जलीय वन्यजीव तस्करों में शामिल तारकनाथ घोष को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ, डिजिटल इनपुट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के मुख्य सरगना के रूप में बांग्लादेश निवासी तालुकदार की भूमिका सामने आई। इसके बाद एसटीएसएफ द्वारा एकत्रित ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया गया तथा केंद्र सरकार और इंटरपोल के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की गई।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, वन विभाग के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप इंटरपोल ने 29 अप्रैल 2026 को आरोपित के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। इस पूरी कार्रवाई में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, नई दिल्ली का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
उल्लेखनीय है कि इंटरपोल विश्व के 195 से अधिक देशों का अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो वैश्विक स्तर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करता है। वन्यजीव अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और पेशेवर जांच के लिए इंटरपोल द्वारा पूर्व में भी चार बार मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स के कार्यों की सराहना की जा चुकी है।
जनसम्पर्क अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर लगातार प्रभावी और परिणामोन्मुखी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में वन अपराधों पर नियंत्रण और जैव-विविधता संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक, अंतरराज्यीय समन्वय तथा अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से कार्रवाई को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी दिशा में मध्य प्रदेश वन विभाग की स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने दुर्लभ जलीय वन्यजीवों की तस्करी से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर