केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने ग्वालियर में स्थापित होने वाले एशिया के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन का किया निरीक्षण

 


टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिए 24 कंपनियों ने 5,500 करोड़ रुपये के निवेश को दिया है प्रस्ताव: सिंधिया

ग्वालियर, 20 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश का ग्वालियर अब देश के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (साडा) में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया।

ग्वालियर में स्थापित होने वाला यह एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन होगा। प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन में लगभग 5,500 करोड़ रुपये के निवेश के साथ करीब 18,000 रोजगार के अवसर सृजित होगा।

निरीक्षण के बाद आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ दिल्ली और मुम्बई में औद्योगिक समिट के माध्यम से 24 कंपनियों द्वारा 5500 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई, जिससे लगभग 14 हजार रोजगार का सृजन होगा। वहीं मुम्बई में आयोजित कार्यक्रम में 2 हजार करोड़ के निवेश से लगभग 4 हजार रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

उन्होंने कहा कि 24 कंपनियों द्वारा इन्वेस्टमेंट की सूची के परिणाम स्वरूप कंपनियों से भूमि आवंटन के समय ही आवेदन प्रक्रिया में शामिल होने को कहा गया है। यहां 24 कंपनियों ने आवेदन प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली है। उन्होंने कहा कि यह केवल “एक” औद्योगिक इकाई की स्थापना नहीं है, बल्कि ग्वालियर में टेलीकॉम क्षेत्र से जुड़ी 24-25 विनिर्माण इकाइयों का पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम है। इन इकाइयों में टेलीकॉम उपकरण और विभिन्न कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा।

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि टेलीकॉम मॅन्युफैक्चरिंग जोन ग्वालियर में लाने में मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष सहयोग रहा है। इसके लिये मुख्यमंत्री को धन्यवाद है। प्रदेश सरकार द्वारा टेलीकॉम उद्योगों के लिये आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज तैयार किया गया है। जिससे उद्योगों के लिये भूमिलीज, बिजली, रोजगार और उत्पादन से जुड़े हुए प्रोत्साहन के साथ-साथ पर्यावरण, हरित विकास से प्रोत्साहन भी शामिल है। इसके साथ ही केन्द्र सरकार के दूर संचार विभाग की ओर से लगभग 500 करोड़ रुपये का कॉमन टेस्टिंग लैब पैकेज प्रस्तावित है।

उन्होंने कहा कि ग्वालियर की सबसे बड़ी ताकत उसकी कनेक्टिविटी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर और कुशल मानव संसाधन हैं। ग्वालियर को दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बड़े बाजारों से जोड़ने के लिये लगभग 120 किलोमीटर आगरा-ग्वालियर हाईस्पीड कोरिडोर विकसित किया जा रहा है। यह कनेक्टिविटी ग्वालियर को बड़े उद्योग और व्यापारिक केन्द्रों को और करीब लायेगी। ग्वालियर में पहले से ही देश के प्रमुख रेलमार्ग स्थित है, जिससे देश के विभिन्न स्थानों तक आवाजाही आसान होती है। ग्वालियर में आधुनिक एयरपोर्ट का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि एशिया के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के रूप में ग्वालियर का चयन एक नए औद्योगिक अध्याय की ओर ले जाने वाला कदम है।

साडा में 170 एकड़ भूमि, पहले चरण में 90 एकड़ साडा और 70 एकड़ आईटी पार्क प्रस्तावित

सिंधिया ने बताया कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए साडा में लगभग 90 एकड़ और आईटी पार्क में लगभग 70 एकड़, यानी कुल 170 एकड़ भूमि को लेकर योजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि निवेशकों की रुचि इतनी अधिक है कि वर्तमान में उपलब्ध भूमि की तुलना में आवेदन अधिक आ रहे हैं। ऐसे में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के पहले चरण के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की पहचान की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार भूमि आवंटन बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि साडा की स्थापना माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी के रूप में ग्वालियर को दिल्ली के काउंटर मैगनेट सिटी के रूप में एक नए औद्योगिक केंद्र के तौर पर विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी। अब उसी औद्योगिक दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए ग्वालियर में एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के अंत में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने केन्द्रीय मंत्री सिंधिया एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार ज्ञापित किया। इनके सार्थक प्रयासों से विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग का कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष हरीश मेवाफरोश ने किया। इस मौके पर प्रदेश सरकार के मंत्रिगण एवं केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर