ग्वालियर-मुरैना के लिए जीवन रेखा साबित होगी चंबल-कोतवाल जल परियोजना: सिंधिया

 




- केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने 458 करोड़ रुपये की चंबल-कोतवाल परियोजना का किया निरीक्षण

ग्वालियर, 20 सितम्बर (हि.स.)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को चंबल–कोतवाल जल परियोजना के अंतर्गत कोतवाल डैम स्थित निर्माणाधीन इंटेकवेल, सांक नदी पर बन रहे पाइपलाइन ब्रिज तथा बानमोर के पास पाइपलाइन बिछाने के कार्य का स्थल निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ग्वालियर-मुरैना के लिए यह जीवन रेखा साबित होगी।

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों एवं परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और ग्वालियर-मुरैना की भविष्य की जलापूर्ति को मजबूत करने वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी, विभागीय अधिकारी एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि चंबल–कोतवाल जल परियोजना ग्वालियर और मुरैना की आने वाली पीढ़ियों की जल सुरक्षा से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजना है। चंबल का पानी नदी से निकलकर ग्वालियर-मुरैना के हर घर के नल तक पहुंचे, इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशेष सहयोग से डबल इंजन की सरकार इस परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में शहरों की बढ़ती आबादी और जल की आवश्यकता को देखते हुए आज से ही मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था तैयार करना जरूरी है। हमारा प्रयास है कि ग्वालियर-चंबल संभाग की जल आवश्यकताओं को लंबे समय के लिए सुरक्षित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को पानी के संकट का सामना न करना पड़े।

150 एमएलडी पानी ग्वालियर पहुंचेगा

सिंधिया ने बताया कि लगभग 458 करोड़ रुपये की लागत से चंबल–कोतवाल जल परियोजना को विकसित किया जा रहा है। इसके तहत चंबल नदी और कोतवाल डैम से पानी लेकर ग्वालियर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के माध्यम से लगभग 150 एमएलडी पानी ग्वालियर की जलापूर्ति व्यवस्था में जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि चंबल नदी और कोतवाल डैम से पानी को पाइपलाइन के माध्यम से ग्वालियर लाया जाएगा और आगे इसे मोतीझील स्थित जलशोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

पाइपलाइन का किया निरीक्षण

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने प्रदेश के मंत्रिगणों के साथ चंबल और कोतवाल डैम से ग्वालियर तक पानी पहुंचाने के लिए लगभग 31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता एवं प्रगति की जानकारी ली। सिंधिया ने कहा कि परियोजना में बड़े व्यास की पाइपलाइन के माध्यम से पानी को लंबी दूरी तक पहुंचाया जाएगा। जिन स्थानों पर क्वारी, सांक और आसन जैसी नदियां मार्ग में आ रही हैं, वहां पाइपलाइन को सुरक्षित तरीके से ले जाने के लिए विशेष ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। सांक नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज का भी उन्होंने निरीक्षण किया।

शहर की जलापूर्ति होगी पूरी

सिंधिया ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य ग्वालियर-मुरैना की आने वाली दशकों की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मजबूत व्यवस्था तैयार करना है। उन्होंने कहा कि चंबल का पानी ग्वालियर तक पहुंचने के बाद जलशोधन संयंत्र के माध्यम से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करेगा। इससे ग्वालियर के नागरिकों को अधिक भरोसेमंद जलापूर्ति उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार होगा।

उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बेहतर पानी, सिंचाई और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर लंबे समय से अपेक्षाएं रही हैं। उन्होंने कहा कि आज बड़े स्तर की परियोजनाओं के माध्यम से इन आवश्यकताओं को पूरा करने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि चंबल का पानी ग्वालियर तक लाने की योजना, सिंचाई परियोजनाएं और क्षेत्र में बन रहे नए कनेक्टिविटी कॉरिडोर इस बात का संकेत हैं कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को आने वाले वर्षों की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।

किसानों को भी मिलेगा लाभ

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि क्षेत्र के विकास में घरेलू जलापूर्ति के साथ किसानों के लिए सिंचाई की स्थायी व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य के तहत चंबल-पार्वती-सिंध परियोजना सहित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं पर कार्य आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि माधवराव सिंधिया सिंचाई योजना सहित क्षेत्र में प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पानी घरों तक पहुंचे और खेतों तक भी पर्याप्त सिंचाई सुविधा पहुंचे, यही क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर और दतिया सहित पूरा ग्वालियर-चंबल संभाग उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और यहां के नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं।

क्षेत्र का विकास हमारी प्राथमिकता

सिंधिया ने कहा कि उन्होंने अपने प्रदेश और देश के लिए 25 वर्ष समर्पित किए हैं और आगे भी क्षेत्र के विकास के लिए पूरी ऊर्जा के साथ कार्य करते रहेंगे। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर और दतिया का विकास हम सबकी प्राथमिकता है। सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-मुरैना की जल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में चंबल–कोतवाल जल परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्धारित समयसीमा में परियोजना पूरी होने के बाद आने वाली पीढ़ियों को जल संकट से राहत मिलेगी और क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर