मप्र के सागर के जहरीली शराब से हुई मौतों की जांच के लिए एक सदस्यीय आयोग गठित

 




- हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विष्णु प्रताप चौहान मामले की जांच कर तीन माह में सौंपेंगे रिपोर्ट

भोपाल, 12 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों और लोगों के बीमार होने के मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने शनिवार को एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन कर दिया है। उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान आयोग के अध्यक्ष होंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, आयोग को अपनी जांच पूरी कर तीन महीने के अंदर राज्य शासन को रिपोर्ट सौंपनी होगी। आयोग का मुख्यालय सागर में रहेगा। जांच के लिए सरकार ने तीन प्रमुख बिंदु तय किए हैं। इनमें घटना के कारणों से लेकर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपाय शामिल हैं।

आयोग सबसे पहले यह पता लगाएगा कि जहरीली शराब के सेवन से मौत और लोगों के बीमार होने की घटना किन कारणों से हुई। घटना का स्वरूप क्या था और इसके पीछे कौन-कौन सी परिस्थितियां जिम्मेदार रहीं, इसका तथ्यात्मक परीक्षण भी किया जाएगा।

जांच का दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु आबकारी, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका से जुड़ा है। आयोग यह देखेगा कि संबंधित क्षेत्र में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने निर्धारित दायित्वों का कितना पालन किया। इस बिंदु के जरिए घटना से पहले और उसके दौरान संबंधित विभागों की जिम्मेदारी और कर्तव्यों के निर्वहन की स्थिति सामने आएगी।

आयोग को भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी नियंत्रण और निगरानी के उपाय सुझाने की जिम्मेदारी भी दी गई है। यानी जांच केवल घटना के कारण और जिम्मेदारी तय करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था में जरूरी सुधारों की सिफारिश भी की जाएगी। सरकार के आदेश के अनुसार आयोग आदेश जारी होने की तारीख से तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को सौंपेगा।

जहरीली शराब से अब तक 33 लोगों की मौत

सागर जिले में जहरीली शराब से अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से ग्राम पंचायत मुडारी बुजुर्ग में पदस्थ पंचायत सचिव अजय लोधी (30) की मौत शुक्रवार को ही हुई है। जहरीली शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में भर्ती कराया गया था। अजय लोधी की मौत के बाद स्थानीय स्तर पर जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। करीब एक दर्जन लोग अभी भी बीएमसी के आईसीयू में उपचाराधीन हैं।

दिग्विजय सिंह सागर पहुंचकर बीएमसी में भर्ती मरीजों से मिले; सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को सागर पहुंचे। उन्होंने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) पहुंचकर जहरीली शराब कांड से प्रभावित और अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ उनके परिजनों से भी घटना को लेकर चर्चा की।

जहरीली शराब कांड को लेकर दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार राजनीतिक संरक्षण में चल रहा है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा नेताओं के संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है, जिसके कारण आम लोगों की जान जा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से जहरीली शराब कांड में मृतकों के परिजनों को दी जा रही मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने लोगों को खोया है, उनके सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ऐसे में सरकार को मृतकों के परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।

दिग्विजय सिंह ने बीएमसी में भर्ती मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि घटना से प्रभावित लोगों को बेहतर उपचार मिलना चाहिए। साथ ही, इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

--------------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर