मप्रः सागर के जहरीली शराब मामले में सरकार का बड़ा एक्शन, पांच अधिकारी निलंबित, एक मुख्यालय अटैच
भोपाल, 06 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से हुई लोगों की मौतों के मामलों मे सख्त एक्शन लिया है। मामले में आबकारी और पुलिस विभाग के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्लालय अटैच कर दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। वहीं, पुलिस विभाग ने भी इस प्रकरण में बंडा थाना प्रभारी सतीश कुशवाहा और गुगरा चौकी प्रभारी एसआई पूरन लाल लड़िया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
शराब के मामले में दु:खद घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार सुबह ही स्पष्ट रूप से कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने प्रथम दृष्टया जिम्मेदार मानते हुए सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में समान रूप से जिम्मेदार मानते हुए उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिखाई सख्ती
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह संवेदनशील मामला हैष नई दिल्ली प्रवास के दौरान यह मामला संज्ञान में आते ही मैंने सागर जिले के प्रभारी मंत्री एवं संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारी दल ने प्रभावित परिजन से भी मुलाकात की थी। अधिकारी दल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया और आवश्यक उपचार तत्काल करने के निर्देश दिये।
दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा : उप मुख्यमंत्री देवड़ा
मामले में उप मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है एवं सहायक आयुक्त आबकारी सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी सागर दिलीप खंडाते और आबकारी उप निरीक्षक वृत्त बंडा प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “इस हादसे के पीछे जो भी व्यक्ति जिम्मेदार होगा, उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार इस पूरे प्रकरण में सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।”
उन्होंने कहा कि अवैध अथवा नकली शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विभागीय स्तर पर यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी जवाबदेही तय की जाएगी। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। शराब के स्रोत, उसकी आपूर्ति तथा घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। शासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आने वाले प्रत्येक दोषी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सागर के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में शराब पीने से हुई मौतों को अत्यंत दुखद और गंभीर घटना बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली है। आबकारी आयुक्त को तत्काल मौके पर पहुंचकर घटना की जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और पूरे मामले में संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर