(अपडेट) राष्ट्रपति ने कूनो में चीता मित्रों से संवाद कर चीता संरक्षण की ली जानकारी

 












भोपाल, 21 जून (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क के दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को चीता मित्रों से संवाद कर चीता संरक्षण के प्रयासों की जानकारी ली।

राष्ट्रपति ने चीता मित्रों से बातचीत के दौरान उनके द्वारा चीतों की सुरक्षा और आमजन के बीच चीतों के व्यवहार को लेकर किये जा रहे जनजागरूकता के प्रयासों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने सभी चीता मित्रों से वन-टू-वन चर्चा कर परियोजना के लिए उनके द्वारा मानसेवी रूप से किये जा रहे प्रयासों की सराहना की।

राष्ट्रपति मुर्मु को बताया गया कि कूनो नेशनल पार्क से लगे सभी ग्रामों में चीता मित्र मौजूद हैं, जिनके द्वारा चीतों की सुरक्षा के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। चीतों के आबादी क्षेत्र में आवागमन की स्थिति पर किये जाने वाले कार्यों के संबंध में सभी को अवगत कराया गया है। ग्रामीणों को यह जानकारी भी दी जा रही है कि स्वभाविक रूप से चीते किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। चीता जब आबादी क्षेत्र अथवा खेतों में दिखाई दे तो तत्काल वन विभाग को अवगत कराया जाये, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार से नुकसान न पहुंचे। भारत में चीतों की पुनर्बसाहट के लिए यह परियोजना अति महत्वपूर्ण है।

इस दौरान चीता मित्र कुलदीप आदिवासी निवासी सिलोरी, संग्राम आदिवासी एवं राजनदंनी आदिवासी निवासी हथेडी, मल्हा आदिवासी निवासी सेसईपुरा, शिवम आदिवासी निवासी पालपुर, विनोद आदिवासी निवासी ग्राम पैरा, रामलखन आदिवासी निवासी कराहल, लालाराम आदिवासी निवासी सेसईपुरा, दौलतराम आदिवासी निवासी सेसईपुरा और सतीश आदिवासी निवासी मोरावन मौजूद रहे।

इस अवसर पर वन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव, पीसीसीएफ शुभरंजन सेन, चंबल कमिश्नर सुरेश कुमार, आईजी सचिन अतुलकर, श्योपुर कलेक्टर शीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल, कूनो पार्क के सीसीएफ उत्तम कुमार, डीएफओ आर थिरूकुराल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों की पुनर्स्थापन योजना को लगभग साढ़े तीन वर्ष से अधिक समय हो गया है। नेशनल पार्क में नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका एवं बोत्सवाना से चीतों को लाया गया है, वर्तमान में देश में चीतों की संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कूनो नेशनल पार्क में तथा 03 चीते मंदसौर स्थित गांधी सागर अभ्यारण में मौजूद है। भारत में जन्मे चीतों की संख्या 32 है, चीता प्रोजेक्ट निरंतर सफलता की ओर आगे बढ़ रहा है।

कूनो नेशनल पार्क के दो दिवसीय भ्रमण के बाद राष्ट्रपति मुर्मु हेलीकॉप्टर द्वारा ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित वायुसेना के विमानतल पहुंचीं। उनके साथ मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी ग्वालियर आए। राष्ट्रपति सुबह 10.35 बजे वायुसेना के विमान से ग्वालियर से दिल्ली के लिए रवाना हुईं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर