चित्रकूट में फिर उफान पर मंदाकिनी, 26 दिन में दूसरी बार बाढ़ जैसे हालात

 


- खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा पानी, एमपी- यूपी प्रशासन अलर्ट, एसडीआरएफ तैनात

सतना, 26 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सतना जिले में लगातार हो रही बारिश का असर चित्रकूट में मंदाकिनी नदी पर दिखाई दे रहा है। 26 दिन के भीतर दूसरी बार नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शुक्रवार देर शाम रामघाट पर मंदाकिनी का पानी खतरे के निशान को पार कर गया। शनिवार को भी सुबह से यहां बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और दुकानदारों ने सामान सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।

मध्य प्रदेश की ओर शुक्रवार की रात 8 बजे आरोग्यधाम के पास मंदाकिनी का जलस्तर 135.02 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यह अधिकतम बाढ़ जलस्तर 139.60 मीटर से 4.58 मीटर कम था। जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। शनिवार सुबह बाढ़ का पानी घाट की सीढ़ियों तक पहुंच गया। निचले हिस्सों में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों ओर प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी और घाट के निचले हिस्सों से दूर रहने की अपील की है।

शनिवार सुबह मंदाकिनी का पानी घाट की सीढ़ियों तक पहुंचने के बाद आसपास के निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनने लगी। नदी के बढ़ते रुख को देखते हुए घाट और नदी किनारे मौजूद लोगों में चिंता बढ़ गई। शुक्रवार को शाम ढलने के बाद मंदाकिनी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दिखाई दी। घाट की सीढ़ियों की ओर बढ़ते पानी को देखते हुए रामघाट क्षेत्र में लोग सतर्क हो गए। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

मंदाकिनी में 26 दिन के भीतर दूसरी बार बाढ़ जैसे हालात बनने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। इससे पहले 29 और 30 अगस्त को भी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था। उस समय रामघाट सहित कई इलाकों में लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे। राहत और बचाव कार्य के लिए वायुसेना की मदद तक लेनी पड़ी थी।

पिछली घटना को देखते हुए इस बार नदी का जलस्तर बढ़ते ही मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

कलेक्टर-एसपी ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा

शुक्रवार देर शाम कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और एसपी हंसराज सिंह चित्रकूट पहुंचे थे। दोनों अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों को लगातार अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों और आश्रय स्थलों तक पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है। चित्रकूट में एसडीआरएफ की टीम भी तैनात कर दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

घाट और नदी किनारे कराए जा रहे एनाउंसमेंट

प्रशासन की ओर से नदी किनारे के इलाकों में एनाउंसमेंट कराकर लोगों को सावधान किया जा रहा है। लोगों को नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों और निचले हिस्सों में नहीं जाने की सलाह दी गई है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने बताया कि मंदाकिनी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे मंदाकिनी नदी और घाट के निचले हिस्सों की ओर न जाएं। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी किनारे जाने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर