कूनों में 19 माह के चीता शावक की हत्या की जांच करने पहुंचा केन्द्रीय दल, दिनभर किया मौका मुआयना
भोपाल, 29 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 19 महीने के नर चीता शावक केएनजी-22 की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले की जांच तेज हो गई है। चीता शावक की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल गुरुवार को कूनो पहुंचा और दिनभर मौका मुआयना किया।
वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) की डायरेक्टर रुचिका ऋषि व राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के महानिरीक्षक डॉक्टर संजयन कुमार गुरुवार को कूनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे। उनके साथ वन विभाग के राज्य, संभागीय और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच ली और कूनो प्रबंधन से जानकारी लेने के बाद उस स्थान का मुआयना किया, जहां चीता गंभीर घायलावस्था में मिला था।
गौरतलब है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान के बाहर विजयपुर वन परिक्षेत्र में गत 25 अक्टूबर को मादा चीता निर्वा का 19 महीने का नर शावक केएनजी 22 गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। उसे जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय ले जाया गया। वहां सीटी स्कैन और आपात ऑपरेशन कर उसके शरीर से बंदूक के पांच छर्रे निकाले गए थे, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। इसके बाद वन विभाग ने जांच के लिए एसटीएफ का गठन किया था। एसटीएफ की टीम के साथ ही कूनो वनमंडल, श्योपुर-मुरैना और ग्वालियर की वन व पुलिस टीमें श्वान दस्ते के साथ जांच में जुटी हैं, लेकिन शिकारियों का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका। अब केन्द्रीय जांच दल भी कूनों पहुंच गया है और अपनी तहकीकात शुरू कर दी है।
जांच समिति अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चीता शावक को गोली किसने मारी, घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या कारण रहे। जांच दल घटनास्थल की परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े पहलुओं का बारीकी से परीक्षण कर रहा है। हालांकि, जांच के दौरान केन्द्रीय दल में शामिल अधिकारी मीडिया से दूरी बनाते दिखाई दिए। दिनभर घटनास्थल पर जांच और मौका मुआयना करने के बाद भी अधिकारियों की ओर से मामले को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
कूनो संघर्ष समिति ने चीता शावक की हत्या के विरोध में किया प्रदर्शन
इधर, श्योपुर में गुरुवार को कूनो संघर्ष समिति ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीते की गोली मारकर हत्या और जिले के जंगलों में कथित अवैध कटाई के विरोध में प्रदर्शन किया। समिति के सदस्यों ने नारेबाजी कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें चीते की हत्या की सीबीआई जांच, वन सुरक्षा में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और जंगलों की अवैध कटाई की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई।
कूनो संघर्ष समिति के अतुल चौहान और अन्य सदस्यों ने ज्ञापन में कहा कि चीते की हत्या की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच में शिकार में शामिल लोगों के साथ उनके पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाए। समिति ने दावा किया कि पहले श्योपुर क्षेत्र में शिकार किए गए वन्यजीवों की खालें आगरा में मिली थीं। इसके आधार पर उसने शिकारियों के बड़े नेटवर्क की आशंका जताई।
समिति ने आरोप लगाया कि जिले में भू-माफिया और वन माफिया बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई कर रहे हैं। इससे पर्यावरण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंच रहा है। समिति ने वन क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
समिति ने ज्ञापन में चीते की हत्या और शिकारियों के नेटवर्क की सीबीआई जांच कराने, कूनो राष्ट्रीय उद्यान और श्योपुर के वन क्षेत्र में सुरक्षा में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई करने तथा जंगलों की अवैध कटाई और भू-माफिया की गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। समिति ने दोषियों पर कार्रवाई के साथ वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर