जबलपुरः नृत्य-नाटिका के माध्यम से जीवंत हुआ लोकमाता अहिल्याबाई का सेवा भाव

 


- देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती का भव्य समापन

जबलपुर, 29 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन, जबलपुर के सहयोग से शुक्रवार को मानस भवन प्रेक्षागृह, राइट टाउन में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. संध्या पुरेचा द्वारा निर्देशित एवं परिकल्पित भव्य नृत्य-नाटिका में लोकमाता देवी अहिल्याबाई का सेवा भाव जीवंत हो गया।

यह आयोजन न केवल उनके 300वें जन्मोत्सव के समापन का साक्षी बना, बल्कि 301वें वर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र जामदार उपस्थित रहे। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के उप संचालक अमित कुमार यादव एवं अखिल भारतीय गडरिया समाज से मोती श्रीपाल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे।

कार्यक्रम की शुरुआत माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। संस्कृति संचालनालय के आयुक्त मदन बिभीषण नागरगोजे ने अपने संबोधन में कहा कि देवी अहिल्याबाई का मध्य प्रदेश से जुड़ाव राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्याबाई एक कुशल प्रशासक होने के साथ-साथ धर्म और राष्ट्र को एकसूत्र में पिरोने वाली महानायिका थीं। भारत के प्रमुख आध्यात्मिक नगरों में उनके द्वारा कराए गए मंदिरों के जीर्णोद्धार, घाटों और धर्मशालाओं का निर्माण उन्हें आज भी लोकमाता की प्रतिष्ठा प्रदान करता है।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डॉ. संध्या पुरेचा द्वारा निर्देशित एवं परिकल्पित भव्य नृत्य-नाटिका पुण्यश्लोक अहिल्याबाई रही। सरफोजी राजे भोसले बीएनटी एंड आर सेंटर, मुम्बई द्वारा प्रस्तुत इस नाट्य-आधारित प्रस्तुति में भावना शाह सहित 55 कलाकारों ने देवी अहिल्याबाई के जन्म से लेकर उनके शासनकाल, न्यायपूर्ण व्यवस्था, जन-कल्याण, धर्मनिष्ठा और भारतीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण को जीवंत किया।

इस प्रस्तुति में पार्श्व स्वर हरीश भिमानी ने दिए, संगीत संयोजन अजित परब ने किया, जबकि नृत्य निर्देशन सुभाष नकाशे (सुभाष नागरे) द्वारा किया गया। नाटक के लेखक विवेक आप्टे एवं सुभाष साईंगले हैं। संगीत, नृत्य, कथन एवं प्रभावशाली दृश्यांकन के माध्यम से यह प्रस्तुति उनके करुणा, सुशासन और मातृत्व के आदर्शों को उजागर करने में पूर्णतः सफल रही।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा पिछले वर्ष देवी अहिल्याबाई के सम्मान में 18 महीने के उत्सव का शुभारंभ किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को जन-जन तक पहुँचाना है। आने वाले समय में लोकमाता के साहित्य का विभिन्न भाषाओं में प्रकाशन और उनके द्वारा किए गए कार्यों एवं तीर्थ स्थलों के चित्रों को समाहित करती 'कॉफी टेबल बुक' भी जारी की जाएगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके आदर्शों से निरंतर प्रेरणा ले सकें। कार्यक्रम के दौरान संस्कृति विभाग की ओर से श्याम मोहन शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन दिनेश शर्मा द्वारा किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर