इंदौर के भागीरथपुरा में स्थिति तेजी से हो रही सामान्य, दूषित पानी से मौतों को लेकर राजनीति चरम पर

 




इंदौर, 17 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जल जनित घटना के बाज जिला प्रशान और स्वास्थ्य विभाग की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है, जिसके चलते क्षेत्र में स्थिति तेजी से सामान्य होती जा रही है। दूसरी ओर भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के लेकर राजनीति चरम पर है।

इंदौर के भागीरथपुरा दूषित जल प्रभावित क्षेत्र में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के 50 दलों द्वारा सघन सर्वे किया गया। इसमें हेल्थ कार्ड डिस्ट्रीब्यूशन, प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण, पानी उबालकर पीने की सलाह, अच्छी तरह से पका हुआ भोजन करने तथा हाथ धोने के तरीकों के बारे में सर्वे दलों ने विस्तार से समझाया। स्वस्थ जीवन शैली का स्वास्थ्य पर प्रभाव के संबंध में भी सर्वे दलों ने भागीरथपुरा में निवासियों से चर्चा की।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि आज भागीरथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ओपीडी में 116 मरीज पहुंचे, जिसमें से डायरिया के 06 मरीज थे। किसी को भी रेफर नहीं किया गया। अस्पतालों में अब तक कुल 445 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। जिसमें से 429 स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट गए हैं। अभी 10 मरीज वार्ड में भर्ती हैं और 06 आईसीयू में उपचारत है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हासानी ने बताया कि भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में गत 10 जनवरी से अभियान स्वास्थ्यवर्धन भी चलाया जा रहा है, जिसमें की गैर संचारी रोगों की भी जांच लगातार की जा रही हैं। सर्वे, शिविर तथा ओपीडी में सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, नर्सिंग ऑफिसर तथा चिकित्सकों द्वारा लगातार परामर्श दिया जा रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार क्षेत्र में 02 एम्बुलेंस लगाई गई हैं। 24x7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है। मरीजों को एम.व्हाय, अस्पताल, अरविंदों अस्पताल तथा बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। जो मरीज निजी चिकित्सालयों में जा रहे हैं, वहाँ पर भी निःशुल्क उपचार, जॉच एवं औषधि के लिए निर्देशित किया गया है।

पानी पीकर लोग मर रहे, यही अर्बन मॉडल: राहुल गांधीइधर, मामले को लेकर राजनीति चरम पर है। शनिवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर पहुंचे और यहां बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों और परिजन से हाल-चाल पूछा। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये नए मॉडल की स्मार्ट सिटी है। पीने का पानी नहीं है। परिवार पानी पीने के बाद बीमार हुए। यानी इंदौर में साफ पानी नहीं मिल सकता है। ये है अर्बन मॉडल। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही है। किसी को ये राजनीति लगे तो लगे, लेकिन लोगों को साफ पानी मिलना चाहिए।

इस दौरान राहुल भागीरथपुरा भी गए और दूषित पानी से जान गंवाने वाली गीता बाई और जीवनलाल के परिवार से मिले। दोनों परिवारों को उन्होंने चेक दिया। इसके बाद राहुल गांधी संस्कार गार्डन पहुंचे। यहां उन्होंने दूसरे प्रभावितों से मुलाकात की। सभी को राहुल ने एक लाख और उमंग सिंघार ने 50-50 हजार रुपये के चेक दिए।

राहुल गांधी के दौरे को लेकर मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब हालात सबसे गंभीर थे, तब न वे न कांग्रेस कहीं नजर नहीं आई। अब हालात सामान्य होने के बाद दौरा किया जा रहा है। सिलावट ने दावा किया कि जब लोग संकट में थे, तब सरकार जमीन पर थी। 20 दिन बाद का यह दौरा संवेदना नहीं, राजनीति का संदेश देता है।

भाजपा के इन आरोपों पर प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी ने मंत्री सिलावट पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के दौरे पर सवाल उठाने से पहले भाजपा यह बताए कि भागीरथपुरा त्रासदी के बाद बीते 20 दिनों तक खुद सरकार के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि कहां थे। संकट के समय केवल एक दिन का दौरा और फोटो खिंचवाना संवेदना नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि कई दिनों तक पीड़ित परिवार मदद के लिए भटकते रहे, जबकि सरकार अब अपनी पीठ थपथपा रही है। आज आप पूछ रहे हैं राहुल गांधी 20 दिन बाद क्यों आ रहे हैं, पहले यह बताइए कि इन 20 दिनों में आप खुद क्या कर रहे थे?

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर