मप्र के इंदौर में ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों ने पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश

 








इंदौर, 13 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के स्वच्छता के प्रतीक शहर इंदौर में आयोजित पांच दिवसीय ब्रिक्स देशों के उच्च स्तरीय कृषि सम्मेलन के अंतिम दिन शनिवार को ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने शहर के मेघदूत उपवन में विकसित “ब्रिक्स वाटिका” में फलदार पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम में विदेशी मेहमनों ने पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, भागीरथ चौधरी, मप्र के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और विधायक रमेश मेंदोला सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि इंदौर में ब्रिक्स देशों के कृषि समूह की बैठक अत्यंत सार्थक रही। इंदौर के स्नेह, प्रेम और आत्मीयता ने सभी प्रतिनिधियों को गदगद कर दिया। इन स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए इंदौर में 'ब्रिक्स वाटिका' स्थापित की गई है, जहां आज ब्रिक्स देशों से पधारे गणमान्य कृषि मंत्रियों, प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों और बाकी साथियों के साथ आज मैंने भी पौधरोपण किया। यह वाटिका स्नेह, सद्भाव, मैत्री और प्रेम का प्रतीक बनेगी।

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स वाटिका में लगाए गए पौधे न केवल अपने साथ बिक्स सम्मेलन की स्मृतियों को सहेजे रहेंगे, अपितु इस मूल्यवान क्षण को चिरस्थाई बनाए रखने के लिए दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देंगे और दुनिया को हमारे उन मूल्यों से भी अवगत कराएंगे, जिनमें हम विश्वास करते हैं- जैसे टकराव के बजाय सामंजस्य, युद्ध के बजाय शांति और नफरत के बजाय प्रेम।

उन्होंने कहा कि यह अभियान एक हरित और अधिक टिकाऊ भविष्य के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आज जो घोषणा-पत्र अपनाया जाएगा, उसे 'इंदौर घोषणा' के नाम से जाना जाएगा। यह वैश्विक कृषि सहयोग को मजबूत करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की हमारी सामूहिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है।

उद्यान प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि मेघदूत उपवन में विकसित ब्रिक्स वाटिका अंतरराष्ट्रीय मित्रता, पर्यावरणीय प्रतिबद्धता और सतत विकास के साझा संकल्प का प्रतीक बनेगी। उन्होंने बताया कि प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान विकसित ग्लोबल गार्डन और यूरेशियन कॉन्फ्रेंस के समय बनाए गए यूरेशिया गार्डन की तर्ज पर अब ब्रिक्स वाटिका तैयार की गई है।

उन्होंने बताया कि उपवन परिसर में “ब्रिक्स इंडिया” थीम आधारित आकर्षक आइलैंड बनाया गया है। इसके साथ ही गुलाब उद्यान, संगीतमय फाउंटेन, कमल थीम सजावट, लैंडस्केपिंग और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य भी किए गए हैं। सम्मेलन में शामिल सभी ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय ध्वज भी परिसर में लगाए गए हैं, जिससे पूरा क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक विविधता और सहयोग का प्रतीक बन गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर