भारतीय रेलवे ने वर्ष 2014 के बाद साढ़े 5 लाख युवाओं को दिया रोजगार : अश्विनी वैष्णव

 




- कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर रेलखंड का उद्घाटन

भोपाल, 18 अगस्त (हि.स.)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में भारतीय रेलवे ने अब तक 5 लाख 54 हजार युवाओं को रोजगार दिया है। अभी रेलवे में जो स्टॉफ काम कर रहा है, उसमें से करीब आधे वर्ष 2014 के बाद सेवा में आए हैं।

रेल मंत्री वैष्णव मंगलवार को नई दिल्ली से कैलारस-सबलगढ़-बीरपुर रेलखंड का उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री मोहन यादव भी वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्रियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कैलारस-सबलगढ़-बीरपुर रेलखंड का उद्घाटन और ग्वालियर-कैलारस मेमू ट्रेन के बीरपुर स्टेशन तक विस्तार का झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।

रेल मंत्री वैष्णव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में रेलवे ने बड़ा बदलाव करते हुए प्रत्येक वर्ष के लिए लेवल 1 से लेकर लेवल 10 तक भर्ती का कैलेंडर तैयार किया है। पिछले 12 से 14 महीने में करीब 3 करोड़ युवाओं ने रेलवे की अलग-अलग भर्ती परीक्षा दी है। इन परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न करवाया गया है। अभी जो परीक्षाएं चल रही हैं, उनसे रेलवे में लगभग 1 लाख 40 हजार भर्तियां की जाएंगी। रेलवे के विद्युतिकरण से देशवासियों का पेट्रोल-डीजल खर्च बच रहा है। आज 704 करोड़ रेल यात्री रेलवे में सफर कर रहे हैं। व्यापक विद्युतिकरण से पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम हुई है।

उन्होंने कहा कि सबके साथ और सबके विश्वास से ही आज 56 किलोमीटर लंबे कैलारस-सबलगढ़-वीरपुर रेलखंड का शुभारंभ हुआ है। इस रेलवे लाइन से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सैंकड़ों गांवों के रहवासियों को लाभ मिलेगा। भविष्य में लाइन का विस्तार श्योपुरकला से कोटा तक किया जाएगा। इससे एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो चुके कोटा तक आने-जाने की सुविधा बढ़ेगी। साथ ही जयपुर तक औद्योगिक कॉरिडोर को भी गति मिलेगी। यह परियोजना हमारी प्राथमिकता में है। इसे वर्ष 2011 में मंजूरी मिल चुकी थी, वर्ष 2016 में कार्य शुरू होने के बाद अब तक 117 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन पर गाड़ियां संचालित हो रही हैं। अभी वीरपुर से सिरौली रोड तक 37 किलोमीटर रेलखंड और सिरौली रोड से श्योपुरकला तक 33 किलोमीटर तक के रेलखंड का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कुछ महीनों में ग्वालियर से श्योपुरकला तक रेलगाड़ी का संचालन शुरू हो जाएगा। इस रूट पर ग्वालियर से बिरला नगर, बामौरगांव, अंबिकेश्वर, सुमावली, भटपुरा, कैलारस, पीपलवाली चौकी, संबलगढ़, वीरपुर स्टेशन शामिल हैं।

रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि पूर्व में मध्य प्रदेश में रेलवे के विकास का बजट मात्र 632 करोड़ रुपए होता था। अब प्रधानमंत्री मोदी ने 15 हजार 188 करोड़ रुपये का बजट मध्य प्रदेश को दिया गया है। मध्य प्रदेश के लिए रेलवे का बजट 24 गुना तक बढ़ाया गया है। आज मध्य प्रदेश में कुल 1 लाख 55 हजार करोड़ रुपये का निवेश रेलवे में है। प्रदेश में 80 स्टेशनों का नव निर्माण हो रहा है। पांच वंदेभारत गाड़ियों की सौगात भी दी गई है। रेलवे की 7 अमृत भारत एक्सप्रेस भी मध्य प्रदेश को गति दे रही हैं। इंदौर-मनमाड रेलवे लाइन एक क्रांतिकारी कदम है। भुसावल से खंडवा तक तीसरी और चौथी लाइन, प्रयागराज से मानिकपुर की तीसरी लाइन, रतलाम से नागदा की तीसरी और चौथी लाइन, इटारसी से नागपुर की चौथी लाइन, इटारसी से भोपाल और बीना की चौथी लाइन, बड़ौदा से रतलाम की तीसरी और चौथी लाइन, गोंदिया से जबलपुर के लिए दोहरीकरण, नागदा से मथुरा की तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं।

केंद्रीय दूरसंचार एवं पूर्वोत्तर विकास कार्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में विकास का नया सूर्योदय हो रहा है। आधुनिक युग में गुजरात के भरूच से लेकर अरुणाचल के तवांग तक रेलवे की सुविधाओं का लाभ देश की जनता को मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में ग्वालियर-कैलारस ट्रेन के वीरपुर स्टेशन तक विस्तार का शुभारंभ हुआ है। अक्टूबर 2024 में ग्वालियर से कैलारस तक रेलवे लाइन की शुरुआत की गई थी। इसी वर्ष दिसंबर माह तक यह लाइन श्योपुर तक पहुंचेगी। रेलवे से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और हर प्रकार की सुविधा मिलती है। इस रेलवे लाइन पर 15 से 20 लाख लोग सफर करते हैं। भविष्य में इससे लाभान्वित यात्रियों की संख्या और बढ़ेगी।

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले भाइयों और बहनों को यह बड़ी सौगात मिली है। महाराज जयाजी राव सिंधिया ने आज से 150 साल पहले ग्वालियर से आगरा के बीच रेलवे के विकास के लिए 75 लाख रुपये की राशि दिलवाई थी। स्व. माधव महाराज-प्रथम ने ग्वालियर लाइट रेलवे लाइन की शुरुआत की थी। गुना-इटावा रेलवे लाइन की सौगात दी गई।

सिंधिया ने कहा कि वर्ष 2012 से नैरोगेज लाइन का ब्रॉडगेज में बदलाव शुरू हुआ। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रेलवे और हवाई सेवा का विस्तार हो रहा है। रेलवे कोच निर्माण में भारत विश्व के लिए निर्यातक बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर-चंबल संभाग को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। ग्वालियर से आगरा तक सुपर एक्सप्रेस-वे की स्वीकृति मिल चुकी है। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्यूफेक्चरिंग जोन (टीएमजेड) का जल्द ही भूमि-पूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरी लगन से साथ प्रदेश के विकास में लगे हैं।

मध्य प्रदेश को मिल रही हैं महत्वपूर्ण रेल सौगातें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने वर्चुअली संबोधन में कहा कि रेलवे और ग्वालियर का गहरा संबंध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे ने अभूतपूर्व प्रगति की है। देश को वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की सौगात मिली है। भारत में अब हाइड्रोजन से भी रेलगाड़ी दौड़ने लगी है। भविष्य में बुलेट ट्रेन चलाने की भी योजना है। मध्य प्रदेश को हर दिन रेलवे और अन्य योजनाओं की सौगात केंद्र की ओर से मिल रही है।

उन्होंने कहा कि लगभग 18 हजार करोड़ लागत की इंदौर-मनमाड रेल लाइन परियोजना प्रदेश के लिए बड़ी सौगात है। यह रूट गुना और मालवा के रास्ते मुंबई तक रेलवे का नया मार्ग बनेगा। मालवा और चंबल क्षेत्र के औद्योगिक गलियारे को भी इस लाइन से लाभ मिलेगा। डिफेंस कॉरिडोर और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को भी नई रेल लाइन से फायदा पहुंचेगा। मध्यप्रदेश में एक लाख करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी औद्योगिक क्षेत्र का विकास के लिये कनेक्टिविटी बेहतर होनी चाहिए। ग्वालियर अंचल बैट्री स्टोरेज परियोजना, फुटवियर क्लस्टर, हाइड्रोजन निर्माण इकाई के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार की सुविधा बढ़ाएगा। देश में आवागमन के लिए अभी तक सबसे सुलभ और सबसे सस्ता परिवहन भारतीय रेलवे ही है। ग्वालियर अंचल में आज रेलखंड के विस्तार से बड़ी सौगात प्रदेश की जनता को मिली है। भारत में वर्ष 2014 तक रेलवे का विद्युतीकरण सिर्फ 30 प्रतिशत था। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के एक दशक में ही रेलवे का 70 फ़ीसदी विद्युतीकरण हो जाना चमत्कारिक है। देश में किसी ने एक साथ तीन और चार रेल लाइन की कल्पना नहीं की थी, जिसे आज हम मध्य प्रदेश में चल रही साथ सात परियोजनाओं में पूरा होते देख रहे हैं। सिंहस्थ : 2028 की तैयारी में केंद्र सरकार और रेलवे की तरफ से मध्यप्रदेश सरकार को पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि रेलवे की नई सौगात मिलने से ग्वालियर से श्योपुर तक आबादी लाभान्वित होगी। यह केवल यात्रियों के लिए रेल लाइन का विस्तार ही नहीं बल्कि इससे व्यापार व्यवसाय के साधन भी बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने रेलवे को नई गति प्रदान की। देश के उपेक्षित क्षेत्रों तक रेलवे की नई योजनाएं तैयार की गईं। भारत में अब रेल के आधुनिक कोच तैयार किए जा रहे हैं। रेलवे स्टेशनों के विकास से लेकर वंदेभारत ट्रेन ने दुनिया को चमत्कृत कर दिया है। कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर