मप्र: मऊगंज में अवैध एमडी ड्रगनिर्माण इकाई का भंडाफोड़, 1.28 करोड़ रुपये की ड्रग्स, रसायन एवं उपकरण जब्त
- मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई में चार आरोपित गिरफ्तार, मुंबई तक फैला नेटवर्क उजागर
भोपाल/मऊगंज, 06 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए साेमवार काे मऊगंज जिले के बिझौली गांव में संचालित अवैध सिंथेटिक ड्रग (एमडी) निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लगभग 1 करोड़ 28 लाख रुपये मूल्य का मादक पदार्थ, रसायन, उपकरण और वाहन जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार महाराष्ट्र के कई शहरों तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
यह कार्रवाई विंध्य क्षेत्र में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक मऊगंज सुरेंद्र कुमार जैन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम तथा एसडीओपी सचि पाठक के पर्यवेक्षण में थाना शाहपुर एवं चौकी खटखरी की टीम ने दबिश देकर यह सफलता हासिल की। कार्रवाई के दौरान एसपी स्वयं भी मौके पर मौजूद रहे और पूरे ऑपरेशन की निगरानी करते रहे।
किराए के मकान में चल रहा था अवैध निर्माण
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बिझौली गांव में एक किराए के मकान में अवैध रूप से एमडी ड्रग तैयार की जा रही थी। आरोपित मकान मालिक को गुमराह कर इसे केमिकल निर्माण इकाई बताकर उपयोग कर रहे थे। मार्च 2026 में यह मकान किराए पर लिया गया था।
बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और उपकरण जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 360 ग्राम संदिग्ध सिंथेटिक ड्रग (एमडी) बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा लगभग 300 लीटर से अधिक रासायनिक पदार्थ, ओवन मशीन, जनरेटर, वैक्यूम पंप, हीटर, मोटर, मोटर कंट्रोलर, तापमान मापक यंत्र और कांच के फ्लास्क सहित ड्रग निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण जब्त किए गए। साथ ही एक महिंद्रा नियो बोलेरो वाहन भी बरामद किया गया। कुल जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 1.28 करोड़ रुपये बताई गई है।
चार आरोपित गिरफ्तार, महाराष्ट्र तक सप्लाई का खुलासा
पुलिस ने मौके से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिनमें रीवा जिले के सोनवर्षा निवासी चंदन सिंह (26), लालगांव निवासी अशोक गुप्ता (40), सोनवर्षा निवासी पीकचंद्र यादव (21) और शुकुलगवां निवासी ऋषभ सेन (18) शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि तैयार की जा रही ड्रग की सप्लाई मुंबई, नागपुर और महाराष्ट्र के अन्य शहरों तक की जाती थी।
मुख्य आरोपित का मुंबई कनेक्शन
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपित चंदन सिंह पहले मुंबई के बदलापुर क्षेत्र में एक क्लब में कार्यरत था, जहां उसने अपने साथी के साथ मिलकर एमडी ड्रग बनाने की प्रक्रिया सीखी थी। बाद में पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वह मध्यप्रदेश आ गया और मऊगंज में यह अवैध गतिविधि शुरू की।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
सभी आरोपितों के खिलाफ थाना शाहपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के सप्लाई चैन, रसायन स्रोत और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
पुलिस नेतृत्व की सराहना
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। रीवा जोन के आईजी द्वारा इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम को विशेष पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
नशा विरोधी अभियान से जोड़ा गया अभियान
उल्लेखनीय है कि 15 जुलाई से प्रदेश में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ जनजागरूकता अभियान भी शुरू किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि एक ओर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, वहीं दूसरी ओर नशे के अवैध कारोबार पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे