भोजशाला पहुंचे हैदराबाद के विधायक टी. राजा, मां वाग्देवी की महाआरती में हुए शामिल
बोले- गैर हिंदू नहीं, 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध लिखा जाए
भोपाल, 01 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के धार जिले में केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन ऐतिहासिक धार की भोजशाला में इन दिनों जनप्रतिनिधियों और संतों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में सोमवार को हैदराबाद के गोशामहल विधायक और हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह भोजशाला पहुंचे। उन्होंने मां वाग्देवी (सरस्वती जी) के चित्र का पूजन कर महाआरती में भाग लिया।
टी राजा सिंह ने भोजशाला में मां सरस्वती के दर्शन-पूजन के बाद भोजशाला परिसर के बाहर लगे 'गैर हिंदू प्रवेश निषेध' बोर्ड को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी राय में यहां 'मुसलमानों का प्रवेश निषेध' लिखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने भोजशाला के आसपास के कथित अतिक्रमण हटाकर भव्य कॉरिडोर और मंदिर निर्माण की मांग भी उठाई।
भोजशाला पहुंचने पर टी राजा सिंह का समर्थकों द्वारा ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और जयघोष के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी, विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान भोजशाला परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम और मां सरस्वती के जयकारे लगाए।
दर्शन-पूजन के बाद टी राजा सिंह ने कहा कि जब भी वह पहले धार आते थे तो मन में दुख लेकर लौटते थे। उनका दावा था कि जिस भोजशाला में कभी ज्ञान और शिक्षा का प्रसार होता था, उसकी पहचान को बदलने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां लैंड जिहाद करने की कोशिश हुई, लेकिन हिंदू समाज ने संघर्ष जारी रखा। उन्होंने कहा कि भोजशाला को लेकर संघर्ष कई वर्षों तक चला। उनके अनुसार मुगल काल, अंग्रेजों के शासन और स्वतंत्रता के बाद भी यह संघर्ष जारी रहा। उन्होंने दावा किया कि लंबे संघर्ष के बाद आज भोजशाला परिसर हिंदुओं के अधिकार में आया है।
टी राजा सिंह ने कहा कि भोजशाला में अब तक केवल दो मुख्यमंत्री पहुंचे हैं। उन्होंने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नाम लेते हुए कहा कि बाकी मुख्यमंत्री नपुंसक थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पूर्व मुख्यमंत्री भोजशाला के बाहर चादर चढ़ाने तो आते थे, लेकिन मंदिर परिसर में आने से बचते थे। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए दावा किया कि कई मुख्यमंत्रियों ने तो रामभक्तों और मां सरस्वती के भक्तों पर लाठीचार्ज और गोली तक चलवाईं।
पर्यटन हब बनाने पर जोर
मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक टी राजा सिंह ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के उस बयान का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने भोजशाला में भव्य कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। विधायक ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव जी का धन्यवाद करता हूं, लेकिन कॉरिडोर बनाने से पहले जो कलंक लगा हुआ है, उसे तुरंत मुक्त करवाएं। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ बिना नोटिस दिए बुलडोजर चलाकर 'लैंड जिहाद' को खत्म कर देते हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास भी इतिहास लिखने का यह बड़ा अवसर है। कोर्ट का केस अपनी जगह चलता रहेगा, लेकिन जो अतिक्रमण बचा है, उसे साफ कर भव्य कॉरिडोर बनाया जाए।
टी राजा सिंह ने आगे कहा कि जब से भोजशाला पूर्ण रूप से हिंदुओं को सौंपी गई है, तब से देश भर से लाखों लोग यहां दर्शन के लिए पहुंचे हैं। आने वाले समय में यह स्थान एक बहुत बड़ा धार्मिक पर्यटन (टूरिज्म) हब बन सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करें और लंदन में स्थित मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को जल्द से जल्द भारत वापस लाकर यहां भव्य रूप से स्थापित करवाएं। अंत में उन्होंने काशी और मथुरा का जिक्र करते हुए कहा कि हिंदुओं को धैर्य रखना चाहिए, आने वाले समय में अन्य सभी ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों पर भी न्याय होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर