देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन ग्वालियर में होगा स्थापित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 




- केन्द्रीय दूरसंचार और मप्र सरकार के बीच हुआ ऐतिहासिक एमओयू, 3500 करोड़ निवेश और 14 हजार को मिलेगा रोजगार

भोपाल, 30 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। ग्वालियर में देश का पहला ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन स्थापित होगा। इसके लिए केन्द्रीय संचार मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार के बीच हुआ एमओयू ऐतिहासिक कदम है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के एमओयू हस्ताक्षर समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब मध्य प्रदेश की धरती पर निर्मित संचार उपकरण देश-दुनिया को उपलब्ध होंगे। ये उपकरण मेक इन इंडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के फेथ इन मध्य प्रदेश का जरिया बनेंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों के साथ हुई राउंड टेबल मीटिंग में 3500 करोड़ रूपये के निवेश तथा 14 हजार से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है।

समारोह में भारत सरकार के संचार मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार के बीच ग्वालियर में ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग हब एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन निर्माण के लिए एमओयू हुआ। इस मौके पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पीएस चंद्रशेखरन भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश वह राज्य है, जिस पर देश और दुनिया का विश्वास बढ़ता जा रहा है। ग्वालियर की धरती पर ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन के रूप में एक नए दौर की शुरुआत हो रही है। आज भारत डिजिटल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक मेन्यूफैक्चरिंग, डिफेंस सेक्टर में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। ग्वालियर में ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन की शुरुआत से निर्यात बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में टेलीकॉम सेक्टर के माध्यम से स्मार्ट एआई मेन्यूफैक्चरिंग, डिफेंस, हेल्थ और गुड गवर्नेंस के क्षेत्र में आधारशिला तैयार हो चुकी है। आज देश में आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नेटवर्क से टेलीकॉम सेक्टर को नई ऊंचाइयां मिली हैं। ग्वालियर अंचल को ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन की सौगात मिलना सोने पर सुहागा है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित टेलीकॉम सेक्टर के निवेशकों को ग्वालियर में निवेश करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलवाया कि जो देश में कहीं नहीं मिलेगा, वो मध्य प्रदेश में निश्चित रूप से मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास में तेज गति से विकास के लिए मध्य प्रदेश की अलग ही धाक बनी है। प्रदेश की संस्कृति गौरवशाली है। इसमें कोहिनूर के हीरे की तरह ग्वालियर का विशेष महत्व है। यहां 170 एकड़ क्षेत्र में प्लग एंड प्ले मोड पर बनने वाले देश के पहले टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन का इंटीग्रेडेट इकोसिस्टम स्थापित होगा। इस जोन में डिजाइन से टेस्टिंग तक मैन्यूफेक्चरिंग से डेवलपमेंट तक सर्टिफिकेशन से एक्सपोर्ट तक भविष्य की वैल्यू चेन का निर्माण होगा। देश में 5जी, 6जी उपकरण, ऑप्टिकल फायबर उपकरण, सेमीकंडक्टर उपकरण, डिवाइस नेटवर्किंग उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर मिलेगा। साथ ही इंजीनियरिंग सर्विसेस, लॉजिस्टिक, वेयर हाउसिंग, तकनीकी संस्थानों के साथ उत्तर भारत का नया केंद्र बनेगा।

मध्य प्रदेश को मिली हैं पांच बड़ी परियोजनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हीरे की पहचान जौहरी को होती है। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य प्रदेश को पांच बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी है। भारत का सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क धार जिले में बनाया जा रहा है। यह कपास उत्पादक किसानों और टेक्सटाइल सेक्टर की बड़ी उपलब्धि है। रायसेन जिले में बीईएमएल के माध्यम से आधुनिक मेट्रो और रेलवे कोच निर्माण के लिए प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। बीना में पेट्रोलियम रिफायनरी के साथ ही भारत रत्न से सम्मानित स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने जो सपना देखा था, वह भी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल के माध्यम से पूर्ण होगा। केंद्र सरकार से मध्य प्रदेश को दो रिवर लिंक प्रोजेक्ट की सौगात मिली हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल दूरसंचार उपकरणों का उपभोक्ता बनना नहीं, बल्कि उनका डिज़ाइन, विकास और निर्माण भारत में कर उन्हें दुनिया के विभिन्न देशों तक निर्यात करना है। उन्होंने कहा कि यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन 'डिज़ाइन इन इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया' के विजन को साकार करेगा। इससे भारत वैश्विक दूरसंचार विनिर्माण और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर बताया गया कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (टीएमजेड) ग्वालियर को देश के अत्याधुनिक टेलीकॉम उपकरण विनिर्माण, परीक्षण एवं अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। लगभग 170.5 एकड़ में विकसित होने वाला यह प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक इकोसिस्टम उद्योगों को उत्पादन प्रारंभ करने के लिए विश्वस्तरीय अधोसंरचना उपलब्ध कराएगा। परियोजना का विकास विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें मध्य प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत तथा भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। एमपीआईडीसी इस परियोजना का मास्टर डेवलपर होगा।

परियोजना के लिए भारत सरकार द्वारा 493 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता स्वीकृत की गई है। इसमें 270.24 करोड़ रुपये अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब एवं लैब इकोसिस्टम, 180 करोड़ रुपये आंतरिक अधोसंरचना, 34.20 करोड़ रुपये भवन एवं प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं, 5 करोड़ रुपये टेक्नोलॉजी सेंटर तथा 4 करोड़ रुपये निवेश प्रोत्साहन गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस ज़ोन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाएं होंगी। यहां 5जी कोर नेटवर्क, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC), सिम, पीओएन तथा राउटर जैसे टेलीकॉम उपकरणों की परीक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही 4जी एवं 5जी नेटवर्क तथा अन्य टेलीकॉम उपकरणों की सुरक्षा जांच के लिए विशेष साइबर सिक्योरिटी लैब भी स्थापित होगी। इससे उद्योगों को परीक्षण एवं प्रमाणन के लिए अन्य राज्यों या विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने प्रेजेंटेशन में मध्य प्रदेश में भारत सरकार के औद्योगिक पार्कों के सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड एवं तीव्र प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि यह ज़ोन अत्याधुनिक, विश्वस्तरीय अवसंरचना के साथ ऐसी साइट-अर्थव्यवस्था प्रदान करेगा जो परियोजना की व्यवहार्यता को उल्लेखनीय रूप से बेहतर बनाती है। मध्य प्रदेश में मात्र एक रूपये के सांकेतिक प्रीमियम पर भूमि, 30 वर्षों के लिये एक रुपये प्रति वर्ग मीटर की स्थिर वार्षिक लीज़ रेंट, 100% स्टाम्प ड्यूटी प्रतिपूर्ति, 30 वर्षों में संग्रहीत विकास शुल्क, प्रथम पाँच वर्षों के लिये 2 रूपये प्रति यूनिट की विद्युत दर और 25 रुपये प्रति केएलडी की दर से जल की आपूर्ति की जाती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर