ईडी ने की मध्य प्रदेश के पूर्व इंजीनियर-इन-चीफ गोविंद प्रसाद मेहरा की 67.25 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क
नई दिल्ली, 02 जून (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पूर्व इंजीनियर-इन-चीफ गोविंद प्रसाद मेहरा और उनके परिवार से जुड़ी लगभग 67.25 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है।
ईडी की भोपाल इकाई ने बताया कि जांच की शुरुआत विशेष पुलिस स्थापना (एसपीई), लोकायुक्त भोपाल द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई थी। प्राथमिकी में गोविंद प्रसाद मेहरा पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया था। जांच में सामने आया कि 4 मार्च 1985 से 29 फरवरी 2024 के बीच पीडब्ल्यूडी में सेवा के दौरान मेहरा ने अपनी वैध आय की तुलना में कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। लोकायुक्त की प्राथमिकी के अनुसार लगभग 4 करोड़ रुपये की वैध आय के मुकाबले 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां और खर्च दर्ज किए गए, जिससे करीब 6 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का पता चला, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 150 प्रतिशत अधिक थी।
लोकायुक्त द्वारा मेहरा और उनके परिजनों से जुड़े परिसरों पर की गई तलाशी में नकदी, सोने के आभूषण, चांदी के सामान और अन्य कीमती वस्तुएं बरामद हुई थीं। जांच के दौरान 8.79 लाख रुपये नकद तथा लगभग 3.51 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण जब्त किए गए। ईडी के अनुसार इन संपत्तियों के स्रोत के संबंध में दिए गए स्पष्टीकरण पर्याप्त साक्ष्यों से समर्थित नहीं पाए गए।
धनशोधन मामले की जांच में यह भी सामने आया कि गोविंद प्रसाद मेहरा और उनके परिवार ने नरमदापुरम जिले की सोहागपुर तहसील के सैनी गांव में लगभग 70-72 एकड़ भूमि पर विकसितकस्तूरी कृषि फार्मस्थापित किया। इस परिसर को लक्जरी फार्म-रिसॉर्ट के रूप में विकसित किया गया, जिसमें कॉटेज, आवासीय इकाइयां, आंतरिक सड़कें, कृत्रिम जलाशय, कृषि अवसंरचना और अन्य उच्च मूल्य की सुविधाएं शामिल हैं।
मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार कस्तूरी कृषि फार्म का बाजार मूल्य लगभग 49.44 करोड़ रुपये आंका गया है, जिसमें करीब 16 करोड़ रुपये के निर्माण और विकास कार्य शामिल हैं। ईडी ने कहा कि इस संपत्ति के अधिग्रहण और विकास में प्रयुक्त धन के स्रोत के संबंध में दिए गए स्पष्टीकरण असंगत और दस्तावेजी साक्ष्यों से रहित पाए गए।
ईडी की जांच में कुल 67.25 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्तियों का पता चला है। इसके बाद एजेंसी ने आवासीय संपत्तियों, कस्तूरी कृषि फार्म, नकदी, सोने-चांदी की वस्तुओं और अन्य परिसंपत्तियों को अपराध से अर्जित आय मानते हुए कुर्क कर लिया है। एजेंसी ने बताया कि मामले की आगे जांच जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर