मध्य प्रदेश की ई-नगर पालिका परियोजना को मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार
- डिजिटल सुशासन और साइबर सुरक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत हुआ मध्य प्रदेश : विजयवर्गीय
भोपाल, 05 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के अंतर्गत मध्य प्रदेश को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। प्रदेश की शहरी विकास एवं आवास विभाग की ई-नगर पालिका परियोजना का सायबर सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।
इस उपलब्धि पर प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने डिजिटल सुशासन, ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा तथा नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व नवाचार किए हैं। यह राष्ट्रीय पुरस्कार मध्य प्रदेश द्वारा उत्कृष्ट नागरिक सेवाओं के वितरण और तकनीकी सुधारों की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना का एक गौरवशाली प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को मध्य प्रदेश पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रभावी रूप से आगे बढ़ा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग नागरिकों को उत्कृष्ट, सरल एवं पारदर्शी डिजिटल सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है और साथ ही साइबर सुरक्षा एवं डेटा संरक्षण के प्रति भी समान रूप से संवेदनशील है। विभाग का उद्देश्य केवल सेवाओं का डिजिटलीकरण करना नहीं, बल्कि प्रदेश में एक ऐसा सुरक्षित डिजिटल इको सिस्टम स्थापित करना है, जहां तकनीक, सुरक्षा और नागरिकों के विश्वास साथ आगे बढ़ें।
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि ई-नगर पालिका परियोजना को नागरिक सेवाओं को सरल, तेज़ एवं पारदर्शी बनाने एवं नागरिकों के डेटा की सर्वोच्च सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म आधुनिक क्लाउड अवसंरचना, जीरो ट्रस्ट ऑर्किटेक्चर, डेटा एन्क्रिप्शन, निरंतर साइबर निगरानी और उन्नत साइबर सुरक्षा मानकों पर आधारित है। इससे नागरिकों की जानकारी की गोपनीयता, अखंडता एवं उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। साथ ही सभी आवश्यक सुरक्षा एवं अनुपालन मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। विभाग द्वारा संचालित ई- नगर पालिका परियोजना को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जाना प्रसन्नता का विषय है।
मंत्री ने ई-नगरपालिका 2.0 की तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत जीआईएस आधारित संपत्ति प्रबंधन, क्लाउड आधारित डेटा प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाएं और उमंग सहित विभिन्न शासकीय डिजिटल प्लेटफॉर्मों से एकीकरण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में इस सिस्टम के माध्यम से 20 से अधिक मॉड्यूल एवं 24 नागरिक सेवाओं का एकीकृत संचालन सफलता पूर्वक किया जा रहा है, जिससे नगरीय निकायों की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश में नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा और 'विकसित मध्यप्रदेश' के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा।
उन्होंने विभाग की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए उनके उत्कृष्ट व समर्पित कार्यों की सराहना की और भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि यह राष्ट्रीय पुरस्कार पूरी टीम के कड़े परिश्रम, नवाचार और राज्य में पारदर्शी डिजिटल सुशासन स्थापित करने के संकल्प का एक सुखद प्रतिफल है।
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने गत दिवस यानी गुरुवार को 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार की घोषणा की है, जिसमें ई-गवर्नेंस में उत्कृष्ट योगदान के लिए मध्य प्रदेश को दो पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। शहरी विकास एवं आवास विभाग की ई-नगर पालिका में सायबर सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्वर्ण पुरस्कार तथा त्रिनेत्र- महाकालेश्वर मंदिर सहित महाकाल रुद्रसागर एकीकृत विकास क्षेत्र की एआई आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली के लिए रजत पुस्कार की घोषणा हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर