नशा मुक्त समाज ही स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र की मजबूत नींव : शिवराज सिंह

 


- विदिशा में दो दिवसीय निशुल्क कैंसर जांच शिविर में दूसरे दिन भी शामिल हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री

विदिशा, 07 जून (हि.स.)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए गांव-गांव में समितियों का गठन किया जाएगा और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज ही स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र की मजबूत नींव होता है, इसलिए इस अभियान को समाज के हर वर्ग का सहयोग मिलना आवश्यक है।

केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान रविवार को विदिशा के मेडिकल कॉलेज में निशुल्क कैंसर जांच शिविर के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हम सब मिलकर नशे के खिलाफ ऐसी सामाजिक शक्ति खड़ी करेंगे, जो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य दे सके। उन्होंने नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि इच्छुक लोग 8929629475 पर मिस्ड कॉल देकर या फिर www.shivrajsinghchouhan.co.in वेबसाइट पर जाकर 'Ask Shivraj' कैटेगरी में अपना पंजीयन करा सकते हैं।

दरअसल, विदिशा मेडिकल कॉलेज में केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान की पहल पर यह दो दिवसीय निशुल्क कैंसर जांच शिविर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विदिशा संसदीय क्षेत्र सहित दूसरे जिलों के मरीजों की भी कैंसर जांच की गई। उन्होंने कहा कि यह सेवा का महायज्ञ लगातार आगे बढ़ रहा है और जांच के दौरान बड़ी संख्या में कैंसर के संदिग्ध मामलों का सामने आना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि केवल जांच और परामर्श तक यह अभियान सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रत्येक मरीज के उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान टाटा मेमोरियल अस्पताल और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भी मौजूद रही।

हर मरीज के उपचार की बनेगी अलग कार्ययोजना

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि, जांच के लिए आने वाले हर मरीज का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है और उनके मोबाइल नंबर दर्ज कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, अब सभी मरीजों का वर्गीकरण कर यह तय किया जाएगा कि किसे कीमोथेरेपी, किसे रेडियोथेरेपी, किसे बायोप्सी और सर्जरी की आवश्यकता है। डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम मरीजों की स्थिति के अनुसार उपचार की रूपरेखा तय करेगी और संबंधित अस्पतालों को चिन्हित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र मरीजों का उपचार कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर अन्य व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी मरीज उपचार से वंचित न रहे और प्रत्येक बहन-भाई का इलाज पूरी जिम्मेदारी के साथ कराया जाए।

कैंसर के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जांच के दौरान यह साफ हुआ है कि विशेष रूप से महिलाओं में कैंसर के प्रति जागरूकता का अभाव है। संकोच और जानकारी की कमी के कारण कई महिलाएं समय रहते अपनी समस्या नहीं बतातीं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। उन्होंने कहा कि स्तन कैंसर और गर्भाशय कैंसर जैसी बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान संभव है, लेकिन जांच नहीं होने से उपचार में देरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि उपचार व्यवस्था के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान भी प्रारंभ किया जाएगा, ताकि लोग बिना किसी झिझक के समय पर जांच कराएं और बीमारी की शुरुआती अवस्था में ही उसका उपचार संभव हो सके।

14 वर्ष तक की बेटियों को एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं

केंद्रीय मंत्री चौहान ने महिलाओं और बेटियों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष अपील करते हुए कहा कि सर्वाइकल कैंसर आज देश की महिलाओं के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। यह महिलाओं में पाया जाने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है और हर वर्ष देश में इसके एक लाख 20 हजार से अधिक नए मामले सामने आते हैं, जबकि करीब 80 हजार महिलाओं की असमय मृत्यु हो जाती है।

उन्होंने कहा कि यह कैंसर ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण के कारण होता है और चिकित्सा विज्ञान में यह ऐसा कैंसर है, जिसकी रोकथाम प्रभावी टीकाकरण से संभव है। उन्होंने कहा कि 14 वर्ष तक की बेटियों को एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं। यह केवल एक टीका नहीं, बल्कि बेटियों के स्वस्थ, सुरक्षित और कैंसर मुक्त भविष्य का सुरक्षा कवच है। भारत सरकार, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर यह टीका निशुल्क उपलब्ध करवा रही है और वैज्ञानिक शोधों के मुताबिक यह 93 से 100 प्रतिशत तक प्रभावी है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि संकोच और जागरूकता की कमी को छोड़कर हर परिवार अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करे, क्योंकि स्वस्थ नारी ही सशक्त भारत की आधारशिला है।

नशा मुक्ति और कैंसर रोकथाम के लिए बनेगा व्यापक रोडमैप

केंद्रीय मंत्री ने बहनों और बेटियों से आत्मीय अपील करते हुए कहा कि यदि स्तन में गांठ, असामान्य बदलाव या कोई अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई दें तो बिना संकोच चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समय पर जांच से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज संभव है, जबकि लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों से भी आग्रह किया कि वे महिलाओं को जांच कराने के लिए प्रेरित करें और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को छिपाने के बजाय खुलकर सामने आने का वातावरण बनाएं। कैंसर का इलाज आवश्यक है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है कि कैंसर होने ही न पाए। इसके लिए तंबाकू, सुपारी, गुटखा, बीड़ी, पान मसाला और शराब जैसी आदतों के खिलाफ व्यापक नशा मुक्ति अभियान चलाने का रोडमैप तैयार किया जाएगा।

कार्यक्रम में बताया गया कि कैंसर जांच एवं परामर्श निःशुल्क दो दिवसीय शिविर में 2598 मरीजों की जांच की गई, जिसमें से 286 मरीज कैंसर रोग से पीडित पाए गए, जबकि 254 मरीजों में कैंसर रोग की संभावनाएं पाई गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर