(अपडेट) मप्रः कोर्ट ने रेलवे के सेक्शन इंजीनियर को तीन दिन की रिमांड पर सीबीआई को सौंपा
- सीबीआई ने सेक्शन इंजीनियर बुंदेला को एक लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथों किया था गिरफ्तार
जबलपुर, 05 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए रेलवे के सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला को जबलपुर की विशेष न्यायालय ने तीन दिन की रिमांड पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया है।
सीबीआई की जबलपुर इकाई ने गुरुवार देर रात सागर में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्शन इंजीनियर बुंदेला को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। सीबीआई की टीम कार्रवाई के बाद आरोपित को अपने साथ जबलपुर ले आई, जहां शुक्रवार को उसे सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया और पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड मांगी। अदालत ने सुनवाई के बाद तीन दिन की रिमांड मंजूर कर दी।
सागर रेल खंड में गिट्टी आपूर्ति का कार्य करने वाले एक ठेकेदार ने काम पूरा होने के बाद रेलवे में जमा अपनी सिक्योरिटी राशि वापस करने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और राशि लौटाने के बदले सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला ने एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। ठेकेदार द्वारा रिश्वत देने से इंकार करने पर अधिकारी ने सिक्योरिटी राशि लौटाने से मना कर दिया और मामले की शिकायत सीबीआई से की। शिकायत की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद एजेंसी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया।
सीबीआई ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार की रात बुंदेला ने रिश्वत की रकम लेने के लिए ठेकेदार को सागर स्थित पैराडाइज होटल बुलाया था। रात में होटल परिसर के आसपास सीबीआई की टीम पहले से सादी वर्दी में तैनात थी। रात करीब 11 बजे जैसे ही ठेकेदार ने तय योजना के अनुसार एक लाख रुपये की राशि बुंदेला को सौंपी, सीबीआई अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपित इंजीनियर को पूछताछ के लिए एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। पूछताछ के बाद सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
सीबीआई की टीम शुक्रवार दोपहर आरोपित इंजीनियर को लेकर जबलपुर पहुंची और विशेष अदालत में पेश किया। इस दौरान आरोपित मीडिया कैमरों से बचने की कोशिश करता नजर आया। उसने सिर झुकाए रखा और कैमरा देखते ही अपने चेहरे को हाथ से ढंक लिया। बताया जा रहा है कि आरोपित अधिकारी के खिलाफ पहले भी विभागीय शिकायतें हो चुकी थीं, लेकिन इसके बावजूद रिश्वत मांगने का सिलसिला जारी था। फिलहाल सीबीआई पूरे मामले में आरोपित से पूछताछ कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर