सिंहस्थ-2028 को विश्व-स्तरीय आयोजन बनाने के लिए सरकार संकल्पबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- मुख्यमंत्री ने उज्जैन आकाशवाणी से दिया संदेश, एक करोड़ से अधिक नागरिकों ने सुना
भोपाल, 25 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार देर शाम अपने जन्म-दिन पर आकाशवाणी उज्जैन से संदेश देते हुए सिंहस्थ-2028 को विश्व-स्तरीय आयोजन के साथ भव्य और अद्वितीय बनाने की सरकार की संकल्पबद्धता जताई।
उन्होंने कहा कि सरकार समृद्ध और विकसित मध्य प्रदेश बनाने के लिये प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रही है। आज बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के आकाशवाणी केंद्र से आप सभी के साथ जुड़ते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश आज विकास के उस सोपान पर है, जहाँ हमारी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रगति एक साथ कदमताल कर रहे हैं। सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता, दानवीरता और पराक्रम से प्रेरणा लेकर मध्य प्रदेश सरकार सुशासन के नए आयाम स्थापित कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश प्रदेश के सभी 17 केन्द्रों से प्रसारित किया गया। संदेश को एक करोड़ से अधिक नागरिकों ने सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सांस्कृतिक वैभव को साथ लेकर विकास के नए मापदंड स्थापित कर रही है। सनातन संस्कृति के वैभव को वैश्विक पटल पर नई उंचाईयां प्रदान करने के लिए सरकार सिंहस्थ-2028 को एक विश्व स्तरीय आयोजन बनाने के संकल्प के साथ काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नदियों को माँ का स्थान दिया गया है। यह हमारी सभ्यता की जीवनरेखा हैं। क्षिप्रा नदी को निर्मल, प्रवाहमान बनाकर रिवर फ्रंट विकसित करने, केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाओं से जल संकट को जड़ से समाप्त करने के लिये सरकार हजारो करोड़ रुपयों की परियोजना पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाई प्रदेश की अर्थव्यवस्था की नींव है। मध्यप्रदेश वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाकर प्रत्येक खेत तक आधुनिक सिंचाई और कृषि यांत्रिकरण की सुविधा पहुंचाकर किसानों की आय में वृद्धि के लिए दृढ़ संकल्पित है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट, संभागीय स्तर पर स्थानीय इनवेस्टर्स समिट कर प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश को प्रोत्साहन देकर हम 'आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश' की नींव रख रहे हैं। उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी सहित प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश के माध्यम से युवा शक्ति को स्टार्ट-अप और स्व-रोजगार के माध्यम से हम युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बना रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में मुझे गर्व है कि मध्य प्रदेश ने नई शिक्षा नीति (NEP) को देश में सबसे पहले लागू कर हमारे विद्यार्थियों के लिए वैश्विक द्वार खोले हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर चल कर वनवासी कल्याण और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। वनवासी भाइयों के संस्कृतिक संरक्षण के लिए सरकार भगोरिया को राजकीय पर्व और लोक उत्सव के रुप में नई पहचान प्रदान कर रही है। वन मेले प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित कर वनोपज को बाजार और वनवासी भाईयों को आय के नवीन अवसर प्रदान कर रहें है। नक्सलवाद के विरुद्ध हमारी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है, मध्यप्रदेश की धरती पर अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के बहुआयामी विकास के लिए प्रदेश में प्रकृति संरक्षण और इको-पर्यटन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रकृति संरक्षण में मध्य प्रदेश अग्रणी है। प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट, नौरादेही अभ्यारण्य का विस्तार, मगरमच्छ व कछुआ संरक्षण के कार्यों ने प्रदेश को 'इको-टूरिज्म' का वैश्विक केंद्र बना दिया है। पर्यटन के विकास से हम स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर सृजित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'लाड़ली बहनों' से लेकर स्व-सहायता समूहों तक, महिला सशक्तिकरण हमारी हर योजना के केंद्र में है। साथ ही, हम इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे नगरों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित कर रहे हैं, जिससे शहरी जीवन सुगम और आधुनिक बने।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित और समृद्ध मध्य प्रदेश के लिये यह विकास यात्रा मेरे अकेले की नहीं है। इसमें मेरे कैबिनेट के सहयोगियों का समर्पण और आप सभी का विश्वास शामिल है। हम मिलकर एक ऐसा मध्यप्रदेश बनाएंगे जो वैभवशाली और समृद्धशाली होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर