डॉ. हेडगेवार के जीवन पर केंद्रित महानाट्य का भोपाल के रविंद्र भवन में मंचन
- डॉ. हेडगेवार ने देशभक्ति के साथ दिया समानता का विचार : मोहन यादव
भोपाल, 21 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रवादी विचारधारा के संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने देशभक्ति के साथ समानता का दर्शन दिया था। वे देश को मिलने जा रही स्वतंत्रता को कायम रखने के महत्व को पहले ही जान चुके थे, इस नाते उन्होंने राष्ट्र हित में अपनी भूमिका का निर्वाह किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार शाम भोपाल के रवींद्र भवन में संस्कार भारती द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष होने के अवसर पर हुए महानाट्य युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार के मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार दूरदर्शी सोच के साथ रचनात्मक प्रकल्प संचालित करते थे। उनके समता के भाव को आज राष्ट्र भी अंगीकार कर रहा है। समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल भी इस भाव को दृष्टिगत रखते हुए की गई है।
उन्होंने कहा कि भारत की पहचान एक विधान है। हमारा मूल दर्शन समानता का है। डॉ. हेडगेवार ने स्वतंत्रता के पहले चुनौती भरे दौर में राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र सर्वोपरि के भाव का प्रकटीकरण ही नहीं किया, बल्कि लाखों लाख नागरिकों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा भी दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कार भारती को डॉ. हेडगेवार के योगदान को नाटक के माध्यम से मंचित किये जाने के लिए बधाई दी। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित होने का उल्लेख करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम को राष्ट्रीय सेवक संघ के पदाधिकारी हेमंत मुक्तिबोध ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्र को वैभव की ओर ले जाने के भरसक प्रयास किए। यह नाटक उनके जीवन के समर्पण,राष्ट्र निष्ठा और कर्म आधारित जीवन के स्वरूप को सामने लाने का माध्यम है।
इस अवसर पर मंच पर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी अशोक पांडे, फिल्म अभिनेता और रंगमंच निर्देशक राजीव वर्मा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में शशि भाई सेठ, पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, संस्कृति संचालक एनपी नामदेव और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया। आभार प्रदर्शन रविंद्र सहस्त्रबुद्धे ने किया।
कार्यक्रम में नागपुर की संस्था नादब्रह्म के कलाकारों द्वारा डॉ. हेडगेवार के जीवन और कार्यों पर केंद्रित महानाट्य प्रस्तुत किया गया। नागपुर की नादब्रम्ह संस्था द्वारा तैयार इस नाटक का निर्देशन सुबोध सुरजीकर ने किया। नाटक के लेखक डॉ. अजय प्रधान हैं। संस्कृति विभाग मध्य प्रदेश शासन के सहयोग से हुए नाटक में दक्ष कलाकारों ने प्रभावी अभिनय कर नाट्य प्रस्तुति को सफल बनाया। देश के अनेक नगरों में नाटक का मंचन हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर