मप्र के सागर में जहरीली शराब से अब तक 28 मौतें, मुख्यमंत्री बोले- जिम्मेदारों पर हो कठोर कार्रवाई

 






सागर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव, अस्पताल में भर्ती मरीजों का जाना हाल

भोपाल, 09 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से अब तक 28 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है। हालांकि, प्रशासन ने 15 मौतों की पुष्टि की है, जबकि कई मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार शाम को सागर के जिला अस्पताल पहुंचे और भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अवैध शराब से लोगों की हुई मृत्यु के प्रकरण में कठोरतापूवर्क कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर के बुन्देलखंड मेडिकल चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में जनप्रतिनिधियों, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन अपराध और असामाजिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जिले में नशा मुक्ति अभियान भी चलाया जाए, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। क्षेत्र में अवैध शराब सामग्री को जब्त करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने मृतकों के प्रति अपनी शोक संवेदना भी व्यक्त की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले के साथ-साथ आस-पास और सीमावर्ती क्षेत्रों में गहन जांच अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा जहाँ कहीं भी शंका या संदिग्ध गतिविधि की गुंजाइश हो, वहाँ तत्परता से पड़ताल की जाए और सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है। अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि किसी निर्दोष के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो।

अफवाह फैलाने वालों पर करे सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शांति एवं सौहार्द बिगाड़ने की मंशा से सोशल मीडिया या अन्य विभिन्न माध्यमों पर अनावश्यक अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखने और उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

समाज को साथ लेकर चलेगा नशा विरोधी अभियान

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नशा विरोधी अभियान को गति देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए। साथ ही, नशा मुक्ति के क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को साथ लेकर जनजागरूकता और नशा मुक्ति के प्रभावी कार्यक्रम संचालित किए जाएं।

प्रदेश में कठोर कानून का है प्रावधान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार के रहते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय कठोर कानून बनाया गया कि इसमें धारा 49 और बाकी 304 जोड़ते हुए हत्या से लेकर आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा देने का प्रावधान है। इस प्रकार की घटना में लिप्त है, उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। हमने प्रशासन को फ्री हैंड दिया है कि वह उस पर कठोर से कठोर कार्रवाई करें, जिनके अवैध अतिक्रमण हैं या अलग से किसी ने इस प्रकार से अपना साम्राज्य चलाया है, उस पर भी काम करें।

नशा मुक्ति के लिए सबको मिलकर प्रयास करने की जरूरत

उन्होंने कहा कि हमने पूरे राज्य में निर्देश जारी किए हैं कि नशा मुक्ति अभियान चलाने के लिए धार्मिक संस्थाओं के साथ, सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ अलग-अलग स्तर पर शासन की ओर से भी नशा मुक्ति के अभियान चलाने की आवश्यकता है। हम सबको इससे निपटने के लिए सामाजिक स्तर पर भी प्रतिबद्धता की जरूरत पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल के वार्डों में जाकर जाना प्रभावितों का हाल, परिजन को बंधाया ढांढस

बंडा के अवैध शराब मामले के प्रभावितों को त्वरित राहत देने और उनका ढांढस बंधाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों का कुशलक्षेम जाना और पीड़ित परिवारों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने परिजन से कहा कि सरकार हर स्थिति में आपके साथ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रत्येक मरीज के पास जाकर उनके स्वास्थ्य की स्थिति देखी। पीड़ितों के परिजनों से पूछा—परिवार में कौन-कौन है? चिंता मत करिए, सरकार हर स्थिति में आपके साथ खड़ी है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बीएमसी के प्रभारी डीन, अधीक्षक और वरिष्ठ चिकित्सकों से पीड़ितों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। साथ ही आवश्यक दवाओं, टेस्ट और विशेषज्ञों की तैनाती 24 घंटे सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

इस दौरान सांसद राहुल सिंह लोधी, विधायकगण गोपाल भार्गव, भूपेन्द्र सिंह, शैलेन्द्र जैन, प्रदीप लारिया, वीरेन्द्र सिंह लोधी, निर्मला सप्रे व ब्रज बिहारी पटेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, श्याम तिवारी, महापौर संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, डाक्टर्स, मौजूद थे।

16 आरोपी गिरफ्तार, 17 पर इनाम

सागर के जहरीली शराब मामले में पुलिस ने मामले में अब तक 33 आरोपियों में से 16 को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में अवैध शराब तैयार करने, पैकिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई नेटवर्क से जुड़ी जानकारी सामने आई है। जांच में बरेठी शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर निवासी बंडा की भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, वह अंतरराज्यीय शराब तस्कर रवि लखेरा के संपर्क में था। लखेरा से शराब बनाने का तरीका और फार्मूला मिलने के बाद अवैध शराब तैयार की गई। फरार मुख्य आरोपी मनीष लोधी और रवि लखेरा पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। बाकी 15 फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम है।

खेत में तैयार की गई थी नकली शराब

पुलिस के मुताबिक, ततरवारा गांव के सरपंच चंद्रभान उर्फ चंदू राजपूत के खेत से 164 क्वार्टर सागर गोल्ड प्लेन मदिरा, 27 लीटर अमानक शराब और निर्माण-पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान मिला। जांच में सामने आया कि 2 सितंबर को चंदू के मक्का के खेत में करीब 50 पेटी नकली शराब ‘सागर गोल्ड’ के नाम से तैयार की गई थी। इसे आसपास के गांवों में सेल्समैन के जरिए पहुंचाया गया। पुलिस ने बंडा और विनायका थाने के दो मामलों में 252.12 लीटर से ज्यादा शराब जब्त की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर