मप्र एसटीएफ ने राजधानी में नशीले कफ सिरप फैक्टरी का किया भंडाफोड़, 10 गिरफ्तार
भोपाल, 29 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के गांधीनगर क्षेत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने किराए के मकान में संचालित नशीले कफ सिरप फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। मामले में तीन नाबालिगों सहित कुल 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में कफ सिरप, पैकेजिंग सामग्री और मशीनें जब्त की गईं। जब्त माल की कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है।
मप्र एसटीएफ के उप पुलिस महानिरीक्षक राहुल लाेढ़ा ने शुक्रवार शाम काे पत्रकार वार्ता में बताया कि गांधीनगर स्थित डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी के एक मकान में पिछले कई महीनों से अवैध रूप से नशीले कफ सिरप की पैकिंग और सप्लाई की जा रही थी। मुखबिर की सूचना के आधार पर एसटीएफ ने गुरुवार देर रात दबिश देकर कार्रवाई की। कार्रवाई देर रात 12 बजे शुरू हुई और तड़के सुबह 3 बजे तक चली। जांच के दौरान मकान के दो कमरों से करीब 50 हजार कफ सिरप की बोतलें, 700 से अधिक पेटियां तथा पैकेजिंग मशीनें बरामद की गईं। एसटीएफ के मुताबिक एक सिरप की कीमत करीब 200 रुपये है। जब्त माल की कुल कीमत डेढ़ करोड़ रुपये है।
इस दाैरान माैके से फैक्टरी में काम करने वाले 10 लाेगाें काे भी गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किये गए आराेपितों में आकाश भाटी निवासी श्यामपुर जिला सीहाेर, चन्द्रपाल मुखिया निवासी इछावर जिला सीहाेर, धानसिंह निवासी कुरावर जिला राजगढ़, अकील खान निवासी परवलिया जिला भाेपाल, हरिओम माेगिया निवासी इछावर जिला सीहाेर, नरेश भाटी निवासी श्यामपुर जिला सीहाेर और अजय माेगिया निवासी खेरी जिला राजगढ़ सहित तीन नाबालिग किशाेर के नाम शामिल हैं। इसके अलावा अर्जुन मालवीय, नवीन साहू और एक अन्य काे भी मामले में नामदज आराेपित बनाया गया है। फिलहाल तीनाें पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित असली दवा के रैपर और स्टिकर हटाकर नए लेबल लगाकर सिरप को बाजार में सप्लाई करते थे। कई बोतलों से समाप्ति तिथि और बैच नंबर भी बदले जाने की आशंका जताई जा रही है।
उप पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि आराेपितों ने पूछताछ में बताया कि उनके द्वारा ऑनरैक्स और ऑफ कफ नामक नशीला कफ सीरप के कार्टन मंगवाकर मशीन में उनकी अवैध रूप से पैकिंग कर बैंच नंबर और एक्सपायरी डेट हटाकर उनका व्यापक स्तर पर विक्रय किया जाता था। उन्होंने बताया कि बरामद कफ सिरप का उपयोग नशे के रूप में किया जाता है और इसे बिना वैध अनुमति के बेचा या खरीदा नहीं जा सकता। सिरप में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ अफीम आधारित कोरेन से तैयार होता है, जिसका उपयोग नशे के लिए किया जाता है। एसटीएफ अब इस पूरे चेन सिस्टम को ट्रेस करने में जुटी है ताकि सप्लायर, मेडिकल संचालक और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। मामले में दवा कंपनी ऑन रैक्स से भी संपर्क करने की तैयारी की जा रही है।
एसटीएफ ने मौके से नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद मिलावट और प्रतिबंधित तत्वों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि अवैध सिरप की सप्लाई भोपाल के अलावा साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों, विदिशा, ग्वालियर और मालवा क्षेत्र सहित अन्य जिलों में भी की जा रही थी। एसटीएफ अब पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
अधिकारियों के अनुसार यह संगठित अवैध कारोबार लंबे समय से संचालित किया जा रहा था। जिस मकान में फैक्टरी संचालित हो रही थी, वह जयदीप मालवीय नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है, जिसका किराया अर्जुन मालवीय और नवीन साहू के नाम पर बना हुआ पाया गया है। इसके साथ ही मामले में मकान मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपितों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे