बहनें नाराज हुईं तो खैर नहीं, हर सरकार को जारी रखनी पड़ेगी योजनाः शिवराज सिंह
- रायसेन के भोजपुर में केन्द्रीय कृषि मंत्री बोले- धीरे-धीरे बढ़कर 3 हजार रुपये होगी लाड़ली बहना की राशि
भोपाल, 11 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना को हर सरकार को जारी रखना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने योजना जारी रखी है और आगे भी हर सरकार को इसे चलाना पड़ेगा। उनके मुताबिक, “बहनें गुस्सा हो गईं तो फिर खैर नहीं है।”
केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान रविवार को रायसेन जिले के भोजपुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV की शुरुआत के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने लाड़ली बहना योजना का जिक्र करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में इस योजना की शुरुआत के बाद दूसरे राज्यों में भी महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की योजनाएं शुरू हुईं। अलग-अलग राज्यों में इन्हें लाड़की बहना और मैया सम्मान जैसे नामों से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से योजना की मासिक सहायता राशि बढ़ाने को लेकर उनकी राय पूछी तो महिलाओं ने इसे तीन हजार रुपये करने की मांग की। इस पर चौहान ने कहा कि “तीन हजार धीरे-धीरे बढ़ेंगे।”
महिलाओं की आर्थिक निर्भरता दूर करने के लिए शुरू की योजना
चौहान ने कहा कि उन्होंने बचपन से गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों से पैसे मांगते देखा है। कई महिलाओं को अपने पति से पैसे मांगने पड़ते थे। यहां तक कि मायके जाने के लिए भी उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं होते थे। उन्होंने कहा कि महिलाओं की इस स्थिति में बदलाव लाने के उद्देश्य से लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने के बाद कई महिलाओं ने अपने घर में सम्मान बढ़ने की बात कही। महिलाओं ने बताया कि अब पति और सास का व्यवहार भी उनके प्रति बेहतर हुआ है। चौहान ने कहा कि इस पहल का मकसद केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें अपने जीवन से जुड़े फैसले लेने का आत्मविश्वास देना था।
महिलाएं अब अपने विवेक से करती हैं मतदान
शिवराज ने कहा कि पहले यह धारणा थी कि परिवार का मुखिया जिस राजनीतिक दल को वोट देगा, परिवार की महिलाएं भी उसी के पक्ष में मतदान करेंगी। लेकिन अब महिलाएं अपनी ताकत पहचान चुकी हैं और अपने विवेक से मतदान का निर्णय लेती हैं। उन्होंने एक महिला का उदाहरण देते हुए बताया कि लाड़ली बहना योजना के बाद उस पर कांग्रेस को वोट देने के लिए दबाव बनाया गया था। इस दौरान उसके साथ मारपीट भी हुई। महिला के उनके पास पहुंचने के बाद उन्होंने प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की आय बढ़ाने पर जोर
चौहान ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की सालाना आमदनी कम से कम एक लाख रुपये होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने महिलाओं को प्रशिक्षण देने, बैंक से सहायता दिलाने और कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि इन सुविधाओं से महिलाएं अपना कारोबार शुरू कर सकती हैं और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं।
किसानों को पर्याप्त बिजली दिलाने का भरोसा
भोजपुर क्षेत्र में पानी और बिजली की समस्याओं का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री से चर्चा करेंगे, ताकि किसानों को पर्याप्त बिजली मिल सके। उन्होंने किसानों को आधुनिक और बेहतर खेती के तरीकों का प्रशिक्षण देने की जरूरत भी बताई। चौहान ने कहा कि किसानों के एक समूह को प्रशिक्षण के लिए भुवनेश्वर भेजा गया है। उनके आने-जाने, रहने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है, जिससे वे नई तकनीक और खेती के उन्नत तरीके सीख सकें।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने किया पीएम ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण का शुभारंभ
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को रायसेन जिले के भोजपुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण का शुभारंभ किया। इस दौरान रायसेन जिले में 84 किलोमीटर से ज्यादा की 31 सड़कों का भूमिपूजन किया गया। इस इवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर गांव तक सड़क सुविधा पहुंचाना है, जिससे छोटे मजरा-टोले भी जुड़ सकें और ग्रामीण विकास को गति मिले।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने रायसेन में गरीबी मुक्त गांवों का देश का पहला मॉडल बनाने की घोषणा की। इसका उद्देश्य हर परिवार को स्थायी आजीविका से जोड़ना है। इसके लिए जल्द बैठक होगी। उन्होंने कहा कि गांवों की मैपिंग कर रोजगारहीन परिवारों को पहचाना जाएगा। उन्हें पशुपालन, मछली पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन और व्यापार जैसे कामों से जोड़ा जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर