मप्र में बैंककर्मी अपनी मांग को लेकर हड़ताल पर, सात हजार शाखाओं में सेवाएं बाधित
भोपाल, 27 जनवरी (हि.स.) । देशभर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर सरकारी बैंक कर्मियों की आयोजित की गई हड़ताल मध्य प्रदेश में भी देखने को मिली। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर प्रदेश में करीब 40 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू ) के आह्वान पर आयोजित हुई हड़ताल की वजह से मंगलवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और अन्य प्रमुख शहरों में बैंक शाखाओं पर ताले लगे दिखे। इसका असर चेक क्लियरेंस, नकद लेन-देन और अन्य बैंकिंग सेवाओं पर पड़ा है। प्रदेश की 7 हजार से अधिक बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप है। एक ही दिन में करोड़ों रुपये के लेन-देन पर असर पड़ने का अंदेशा जताया जा रहा है।
राजधानी भोपाल में बैंककर्मियों ने मंगलवार को वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। शहर के एमपी नगर में सरकारी प्रेस के पास पंजाब नेशनल बैंक शाखा के सामने रैली निकालने के बाद सभा आयोजित की गई है। यहां बड़ी संख्या में बैंककर्मी मौजूद हैं। वहीं, उज्जैन जिले में भी 4 हजार से अधिक बैंककर्मी हड़ताल पर रहे, जो 290 से अधिक शाखाओं से जुड़े हैं।
यूनाइटेड यूनियन ऑफ बैंक फोरम के संयोजक विपिन सतोरिया ने बताया कि देशभर के बैंककर्मियों को इस हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया गया था। सुबह 11 बजे कॉसमॉस मॉल के सामने केनरा बैंक शाखा के पास बैंककर्मियों की बड़ी भीड़ जमा हुई और उन्होंने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के बारे में जानकारी दी। सतोरिया ने कहा कि मुख्य मांग है हफ्ते में पांच दिन काम करने का नियम तुरंत लागू किया जाना।
यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, सरकारी क्षेत्र की 12 प्रमुख बैंकों, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सभी अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। साथ ही, प्राइवेट सेक्टर की कुछ प्रमुख बैंक शाखाओं के अधिकारी और कर्मचारी भी इस हड़ताल में जुड़े हैं। इस वजह से इन बैंकों की शाखाओं में दैनिक कामकाज प्रभावित होने की संभावना है, जिसमें नकद लेन-देन, चेक क्लियरेंस और अन्य सेवाएं शामिल हैं। हालांकि बैंक की हड़ताल का असर डिजिटल लेनदेन पर नहीं पड़ा। यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग एटीएम जैसी डिजिटल सेवाएं चालू हैं।
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग
बैंककर्मियों की प्रमुख मांग है कि बैंकिंग उद्योग में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने के लिए केंद्र सरकार मंजूरी दे। इसके तहत शेष सभी शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाना चाहिए, क्योंकि फिलहाल केवल दूसरा और चौथा शनिवार ही छुट्टी होती है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के मध्य प्रदेश समन्वयक वीके शर्मा ने बताया कि इस हड़ताल में देशभर के सरकारी, निजी, विदेशी, क्षेत्रीय ग्रामीण और सहकारी बैंकों के लगभग 8 लाख कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। मध्य प्रदेश में इनकी संख्या करीब 40 हजार है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है, लेकिन पिछले दो वर्षों से स्वीकृति लंबित है। जब 24-25 मार्च को यूएफबीयू ने दो दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था, तब सरकार ने आश्वासन दिया कि मामला विचाराधीन है, जिसके चलते हड़ताल स्थगित कर दी गई थी। लेकिन अब तक कोई ठोस मंजूरी नहीं मिली है, इसलिए बैंककर्मी फिर हड़ताल पर हैं।________________
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत