मप्रः अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर लालतन कुंगा की जमानत याचिका खारिज
भोपाल, 10 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर की एकल पीठ ने दुर्लभ वन्यजीव पैंगोलिन के अवैध शिकार और उसके अवयवों की अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय तस्करी के मामले में आरोपी लालतन कुंगा की जमानत याचिका दूसरी बार भी खारिज कर दी है।
जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने गुरुवार को बताया कि अंतरराष्ट्रीय तस्कर लालतन के विरुद्ध स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) की क्षेत्रीय इकाई जबलपुर में मामला दर्ज है। आरोपी कुंगा की दूसरी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने अपराध की गंभीरता और आरोपी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने बताया कि वनमंडल पश्चिम छिंदवाड़ा से एसटीएसएफ की क्षेत्रीय इकाई जबलपुर को हस्तांतरित किया गया यह प्रकरण पेंगोलिन के अवैध शिकार और उसके अवयवों के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय अवैध व्यापार से संबंधित है। मामले में अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है।
मिजोरम निवासी लालतन कुंगा इस मामले में करीब 11 वर्ष तक फरार रहा और 15 दिसम्बर 2025 से जेल में बंद है। उसके विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मध्य प्रदेश में तीन और ओडिशा में एक प्रकरण दर्ज है। ये मामले पैंगोलिन के अवयवों के अवैध व्यापार से संबंधित हैं।
जमानत याचिका का विरोध करते हुए एसटीएसएफ और राज्य शासन की ओर से उप शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि आरोपी के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत समान प्रकृति के तीन पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड हैं। उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता तथा आरोपी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए जमानत याचिका निरस्त कर दी। प्रकरण में विवेचना जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर