मप्र में 1160 करोड़ का चावल घोटाला, 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज, चार गिरफ्तार

 


- कलेक्टर बोले- एफसीआई के एथेनॉल के लिए आवंटित चावल के डायवर्जन की कराई जा रही जांच

भोपाल, 11 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में 1,160 करोड़ रुपये के फोर्टिफाइड चावल घोटाले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने शनिवार शाम वारासिवनी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से चार लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

वहीं, बालाघाट कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट मृणाल मीणा ने भारतीय खाद्य निगम द्वारा एथेनॉल उत्पादन के लिए जारी किए जा रहे चावल के कथित डायवर्जन के मामले में भारतीय खाद्य निगम भोपाल के क्षेत्रीय महाप्रबंधक को पत्र लिखकर मामले की विस्तृत जांच कराने को कहा है। उन्होंने कहा है कि एफसीआई के अन्य गोदामों से एथेनॉल नीति के अंतर्गत जारी किए जा रहे चावल का भी भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।

कलेक्टर मीणा ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने पर राजस्व विभाग तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने जांच की है। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एफसीआई के नेवरगांव, जिला बालाघाट गोदाम से एथेनॉल उत्पादन के लिए मेसर्स ए.बी.जे. एग्रीको प्रा.लि., छिंदवाड़ा को आवंटित फोर्टिफाइड चावल निर्धारित गंतव्य तक पहुंचने के बजाय कथित रूप से अवैध रूप से संवेदी राइस मिल में डायवर्ट किया गया। इस संबंध में थाना वारासिवनी में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।

गौरतलब है कि एथेनॉल उत्पादन के नाम पर करीब 2320 रुपये प्रति क्विंटल में निकलने वाला सरकारी फोर्टिफाइड चावल करीब 2800 रुपये प्रति क्विंटल में बेचा जा रहा था। इस पूरे नेटवर्क में कई स्तरों पर मुनाफा बांटा जा रहा था। मामले की शुरुआत 3 जून को हुई, जब वारासिवनी क्षेत्र में संचेती राइस मिल के पास सरकारी फोर्टिफाइड चावल से भरा एक ट्रक पकड़ा गया। यह चावल बालाघाट के एफसीआई गोदाम से छिंदवाड़ा के एवीजे एथेनॉल प्लांट भेजा जाना था। शुरुआती जांच में एक ट्रक का मामला सामने आया, लेकिन पड़ताल आगे बढ़ी तो ट्रकों, राइस मिलर्स और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं।

वारासिवनी पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में ट्रक ड्राइवर दुर्गेश शेंडे, एवीजे एथेनॉल प्लांट का प्रतिनिधि राहुल प्रताप, प्लांट सुपरवाइजर राकेश श्रीवास्तव और सिवनी का ट्रांसपोर्टर उबेद खान शामिल हैं। वहीं, संचेती राइस मिल के संचालक गंभीर संचेती और उनके बेटे सौरभ संचेती फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए 20-25 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। टीम अब तक 17 ट्रक जब्त कर चुकी है। 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सिवनी के दो राइस मिलर्स समेत 5-6 लोगों को नोटिस देकर बयान दर्ज किए गए हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर