मोदी सरकार में राजस्थान का रेल बजट 682 करोड़ से बढ़कर 10,828 करोड़ हुआ : अश्विनी वैष्णव

 


जयपुर, 11 जून (हि.स.)। केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में रेलवे सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक विकास कार्य हुए हैं, जिनका लाभ राजस्थान को भी मिला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के दौरान राजस्थान को रेलवे के लिए 682 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, जिसे बढ़ाकर 10,828 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 76 हजार करोड़ रुपये की लागत से रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है।

भाजपा प्रदेश मुख्यालय में गुरुवार को आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में वैष्णव ने कहा कि राजस्थान के 85 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। जयपुर रेलवे स्टेशन की दूसरी एंट्री, गांधी नगर जयपुर स्टेशन के पुनर्निर्माण सहित जैसलमेर, जोधपुर, अलवर, बीकानेर, कोटा, अजमेर, आबूरोड, पाली मारवाड़ और जालोर सहित कई स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों में राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय स्थापत्य को विशेष महत्व दिया गया है।

उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के बाद राजस्थान को 46 नई रेलगाड़ियां मिली हैं। इनमें जोधपुर-दिल्ली, जोधपुर-पुणे, जैसलमेर-दिल्ली और बीकानेर-दिल्ली जैसी महत्वपूर्ण रेल सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अजमेर-जयपुर-दरभंगा रेल सेवा को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। इसके अलावा जयपुर-अजमेर सहित विभिन्न मार्गों पर वंदे भारत ट्रेनों का संचालन भी शुरू किया गया है।

रेल मंत्री ने कहा कि राज्य में आगरा-बांदीकुई, अजमेर-चित्तौड़गढ़, रींगस-सीकर, सवाई माधोपुर-जयपुर तथा लूणी-भीलड़ी रेल लाइन दोहरीकरण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। वहीं देवगढ़ मदारिया-नाथद्वारा, नीमच-बड़ी सादड़ी, पुष्कर-मेड़ता तथा रामगंजमंडी-भोपाल नई रेल लाइन परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राजस्थान में 24 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित किए जा रहे हैं। इनमें 10 टर्मिनल तैयार हो चुके हैं, छह पर निर्माण कार्य जारी है तथा आठ को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 560 किलोमीटर लंबे समर्पित मालवाहक गलियारे (फ्रेट कॉरिडोर) के तहत राजस्थान को 14,700 करोड़ रुपये के निवेश का लाभ मिला है।

वैष्णव ने कहा कि मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) जयपुर में क्वांटम लैब, सेमीकंडक्टर लैब और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) लैब स्थापित की जाएंगी। साथ ही जयपुर में अत्याधुनिक एआई डाटा सेंटर तथा चिकित्सा केंद्र विकसित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में रोजगार, निवेश और तकनीकी विकास के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में विकास और सुशासन की नई कार्य संस्कृति स्थापित हुई है तथा रेलवे, आधारभूत संरचना, शिक्षा, तकनीक और स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे कार्य विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इससे पूर्व अश्विनी वैष्णव, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ तथा संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को दर्शाने वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश