ईरान-इजरायल हमले के बीच भारत ने किया अपनी हवाई क्षमता बढ़ाने का ऐलान

 

- छह एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और मिसाइलें खरीदने के लिए 5,083 करोड़ रुपये के ऑर्डर

नई दिल्ली, 03 मार्च (हि.स.)। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बीच भारत ने अपनी हवाई क्षमता बढ़ाने का ऐलान किया है। सरकार ने भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के लिए छह एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और नौसेना के लिए जमीन से हवा में वर्टिकल लॉन्च श्टिल मिसाइलें खरीदने के लिए कुल 5,083 करोड़ रुपये के करार किए। इस खरीद का मकसद अलग-अलग तरह के हवाई खतरों के खिलाफ अग्रिम युद्धपोतों की वायु रक्षा क्षमता को काफी बढ़ाना है।

भारतीय तटरक्षक बल के लिए समुद्री क्षमता वाले छह एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर मार्क-2 (एएलएच) और नौसेना के लिए जमीन से हवा में मार करने वाली वर्टिकल लॉन्च श्टिल मिसाइलें खरीदी जानी हैं। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को दोनों हथियारों की खरीद के लिए कुल 5,083 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट साइन किए। यह दोनों करार रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में साउथ ब्लॉक में किए गए। एएलएच मार्क-2 के साथ परिचालन भूमिका उपकरण, एक इंजीनियरिंग सहायता पैकेज और प्रदर्शन आधारित रसद समर्थन का 2,901 करोड़ रुपये का करार हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ किया गया है।

एचएएल के अनुसार इन ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर में अभी चल रहे एयरबोर्न प्लेटफॉर्म से बेहतर लेटेस्ट फीचर्स हैं और ये किनारे पर मौजूद एयरफील्ड के साथ-साथ समुद्र में जहाजों से भी कई तरह के समुद्री सुरक्षा मिशन करने में सक्षम हैं। इनके आईसीजी में शामिल होने से आर्टिफिशियल आइलैंड, ऑफशोर इंस्टॉलेशन, मछुआरों और समुद्री पर्यावरण की जरूरतें पूरी करने की क्षमता बढ़ेगी। इस प्रोजेक्ट में 200 से ज्यादा लघु उद्योगों को फायदा होगा और इससे लगभग 65 लाख मानव श्रम दिवस सृजित होने की उम्मीद है।

रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए जमीन से हवा में मार करने वाली वर्टिकल लॉन्च श्टिल मिसाइलों और उनसे जुड़े मिसाइल होल्डिंग फ्रेम की खरीद के लिए 2,182 करोड़ रुपये का करार रूसी फर्म रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ किया है। यह सिस्टम नौसेना के प्लेटफॉर्म पर एयर डिफेंस ढांचे को और मजबूत करेगा, जिससे रैपिड-रिएक्शन, हर मौसम में लड़ने की क्षमता और मुश्किल समुद्री माहौल में बेहतर क्षमता मिलेगी। यह समझौता भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही और समय की कसौटी पर खरी उतरी रक्षा साझेदारी को दिखाता है, जो आपसी भरोसे और सामरिक तालमेल पर आधारित है।

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम