धर्मेंद्र प्रधान सपत्नीक बाबा महाकाल की भस्म आरती में हुए शामिल, नंदी हाल में बैठकर लगाया ध्यान

 


उज्जैन, 03 अप्रैल (हि.स.)। मप्र में उज्जैन की पावन धरा पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शुक्रवार काे तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी भी रहीं। दोनों ही गर्भगृह में प्रवेश कर महाकाल की विधिपूर्वक पूजन-अर्चन किया और भस्म आरती में सहभागी बनकर दिव्य दर्शन करते हुए देश और विश्व की शांति के लिए प्रार्थना की।

दरअसल, शुक्रवार तड़के आयोजित होने वाली भस्म आरती में शामिल होकर धर्मेंद्र प्रधान लगभग दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठे रहे और पूरे विधि-विधान से बाबा महाकाल के दर्शन किए। मंदिर परिसर में गूंजते वैदिक मंत्र, ढोल-नगाड़ों की गूंज और अलौकिक वातावरण ने इस आध्यात्मिक अनुभव को और अधिक दिव्य बना दिया। इस दौरान वे पूर्णतः भक्ति में लीन दिखाई दिए।

आरती के उपरांत केंद्रीय मंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर विधिपूर्वक पूजन-अर्चन किया। उन्होंने भगवान महाकाल का अभिषेक कर राष्ट्र की उन्नति, समाज की समृद्धि और मानवता के कल्याण की कामना की। पूजा के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भस्म आरती का अनुभव आत्मा को गहरे स्तर पर संतोष प्रदान करता है। यह एक धार्मिक अनुष्ठान तो है ही साथ ही आंतरिक शांति और ऊर्जा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में शांति और सद्भाव की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। ऐसे समय में भगवान महाकाल के समक्ष उन्होंने देश की निरंतर प्रगति, सनातन संस्कृति के विस्तार और संपूर्ण विश्व के कल्याण की प्रार्थना की है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री प्रधान ने अपने एक्स प्लेटफार्म पर अपने इस दिव्य अनुभव को भी साझा किया, उन्होंने लिखा, धर्म और आस्था की पुण्यभूमि उज्जैन में श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर में गौसेवा करने का पावन अवसर प्राप्त हुआ।गौसेवा भारतीय संस्कृति की करुणा, संवेदना और लोकमंगल की भावना का जीवंत स्वरूप है। ऐसे प्रेरणादायी क्षण सेवा और समर्पण के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करते हैं।

उल्लेखनीय है कि उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर सदियों से श्रद्धा और विश्वास का केंद्र रहा है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु अपनी आस्था लेकर पहुंचते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी