सरसंघचालक डॉ. भागवत दो मई को मुंबई में ‘कर्मयोगी एकल शिक्षक मेला’ में करेंगे संवाद

 


- सरसंघचालक डॉ. भागवत करेंगे शिक्षकों से संवाद, वनवासी शिक्षा विस्तार पर होगा गहन मंथन

मुंबई, 28 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 02 मई को मुंबई में आयोजित “कर्मयोगी एकल शिक्षक मेला” में वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार के लिए कार्यरत शिक्षकों के साथ संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया परिसर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य के आदिवासी विकास मंत्री प्रो. अशोक उइके भी उपस्थित रहेंगे।

नागपुर स्थित कै. लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था के संचालित एकल विद्यालय पहल को अब विदर्भ से बढ़ाकर पूरे महाराष्ट्र में विस्तार देने की योजना तैयार की गई है। इस कार्यक्रम में इसी विस्तार योजना की विस्तृत जानकारी भी साझा की जाएगी। करीब तीन दशक पहले शुरू हुई इस पहल ने विदर्भ के दूरस्थ वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान में गढ़चिरौली, मेलघाट सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 1300 विद्यालयों के माध्यम से 30 हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जबकि 1800 से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। संस्था ने अब पूरे महाराष्ट्र में इस मॉडल को और विस्तारित करने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत 5 हजार विद्यालय, 6 हजार शिक्षक तथा 01 लाख वनवासी विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

नेतृत्व और मार्गदर्शन

इस पहल का संचालन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन और मुंबई के उद्योगपति अतुल शिरोडकर की अध्यक्षता में किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य वनवासी समुदाय को शिक्षा, कौशल विकास और मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है, और संस्था इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

कर्मयोगी पुरस्कार और सांस्कृतिक कार्यक्रम2 मई को शाम 6 बजे होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान नवनिर्वाचित राज्य सभा सदस्य मायाताई इवनाते को सम्मानित किया जाएगा और पंडित नीलाद्री कुमार का सितार वादन होगा। आयोजन के मौके पर, राज्य में सामाजिक क्षेत्र के अलग-अलग लोग एक साथ आकर जंगल में रहने वालों की शिक्षा के आंदोलन को नई दिशा देने पर मंथन करेंगे। संगठन ने हर तबके के नागरिकों से इस काम में सहयोग करने की अपील की है। यह कार्यक्रम वनवासी समुदाय की ज़िंदगी में बदलाव लाने के इस आंदोलन को तेज़ करने में एक अहम कदम होगा।-------------------

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी