महाराष्ट्र के पुणे जहरीली देशी शराब मामले में 4 और पुलिसकर्मी निलंबित

 

मुंबई, 01 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र के पुणे जहरीली देशी शराब मामले में सोमवार को पुणे ग्रामीण पुलिस मुख्यालय ने चार और पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इससे पहले 12 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा विभागीय

अधिकारियों पर भी कार्रवाई ेकी गई है।

इस कथित जहरीली शराब मामले में अब तक कुल 18 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोगों का इलाज जारी है। इस मामले की गहन छानबीन राज्य क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) की टीम कर रही है।

सूत्रों के अनुसार पुणे ग्रामीण पुलिस मुख्यालय के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने अवैध तरीके से बेची जा रही जहरीली देशी शराब पर कार्रवाई न करने पर आज चार और पुलिस कर्मियों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। इन निलंबित पुलिसकर्मियों में दौंड डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफि़स के सुभाष दोईफोडे, उरुली कंचन पुलिस स्टेशन के पुलिस कांस्टेबल अजीत शिवाजी काले और यवत पुलिस स्टेशन के पुलिस कांस्टेबल सुमित नंदकुमार वाघ और यवत पुलिस स्टेशन के पुलिस कांस्टेबल रामदास ज्ञानदेव जगताप शामिल हैं।

ज़हरीली शराब मामले का आरोपित राधेश्याम प्रजापति उरुली कंचन इलाके का रहने वाला है और शुरुआती जांच में इन चारों पुलिस कर्मचारियों से उसके संपर्क होने की बात सामने आई है। इस बारे में बारामती डिवीजन के एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस की जांच में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारियों का व्यवहार पुलिस बल के अनुशासन के लिए नुकसानदायक और बहुत संदिग्ध है। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर, महाराष्ट्र पुलिस एक्ट और महाराष्ट्र पुलिस नियमों के अनुसार इन चारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव दिया गया है। उन्हें सरकारी नौकरी से निलंबित कर दिया गया है।

इस बीच, गवाहों को प्रभावित करने की संभावना को ध्यान में रखते हुए, सस्पेंशन अवधि के दौरान इन सभी कर्मचारियों का हेडक्वार्टर पुणे ग्रामीण पुलिस हेडक्वार्टर तय किया गया है। वे अपने सीनियर की पहले से इजाज़त के बिना हेडक्वार्टर नहीं छोड़ पाएंगे। उनके लिए दिन में दो बार, सुबह और शाम को पुलिस हेडक्वार्टर में रिपोर्ट करना भी ज़रूरी कर दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव