एंटीलिया बम मामले में एनआईए कोर्ट ने सचिन वाज़े समेत 10 आरोपितों पर आरोप तय किया

 

मुंबई, 01 अगस्त (हि.स.)। मुंबई की विशेष एनआईए अदालत ने चर्चित एंटीलिया विस्फोटक प्रकरण और व्यवसायी मनसुख हिरेन हत्याकांड में शनिवार को पूर्व मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाज़े, पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा समेत 10 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। सभी आरोपितों ने अदालत में खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपों से इनकार किया है।

विशेष एनआईए न्यायाधीश चकोर बाविस्कर की अदालत ने आरोप तय करने के बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। आरोपितों पर भारतीय दंड संहिता (भादंस) की विभिन्न धाराओं, जिनमें हत्या से संबंधित धाराएं भी शामिल हैं, तथा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमा चलेगा।

उल्लेखनीय है कि यह मामला 25 फरवरी 2021 का है, जब उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास 'एंटीलिया' के बाहर जिलेटिन की छड़ों से भरी एक स्कॉर्पियो कार बरामद हुई थी। इस घटना ने देशभर में सनसनी फैला दी थी। कुछ दिनों बाद वाहन के मालिक व्यवसायी मनसुख हिरेन ने दावा किया कि उनकी गाड़ी चोरी हो गई थी। इसके बाद 5 मार्च 2021 को ठाणे की एक खाड़ी से उनका शव बरामद हुआ, जिसके बाद जांच हत्या के मामले में बदल गई।

एनआईए की चार्जशीट के अनुसार, एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भरी कार खड़ी करने की साजिश में सचिन वाज़े की प्रमुख भूमिका थी। एजेंसी का आरोप है कि इस साजिश का उद्देश्य हाई-प्रोफाइल लोगों में भय पैदा कर जबरन वसूली करना था। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि यह पूरी कार्रवाई एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य कथित तौर पर एक वरिष्ठ राजनेता की ओर से तय किए गए 100 करोड़ रुपये के मासिक वसूली लक्ष्य को पूरा करना था। एनआईए के अनुसार, वाज़े पुलिस विभाग में अपनी कथित सुपरकॉप छवि और प्रभाव को दोबारा स्थापित करना चाहते थे । अब आरोप तय होने के बाद मुकदमा सबूतों और गवाहों के परीक्षण के चरण में प्रवेश करेगा। अदालत में अभियोजन पक्ष आने वाले हफ्तों में अपने साक्ष्य पेश करना शुरू करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव