भाषा विवाद का नहीं, संवाद का माध्यम : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

 

मुंबई, 30 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मुंबई में कहा कि भाषा विवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संवाद, तालमेल और समाज को जोडऩे का प्रभावी जरिया है। उन्होंने कहा कि भाषा के जरिए लोगों के बीच दूरी नहीं, बल्कि आपसी समझ और समन्वय बढऩा चाहिए।

मुंबई में ‘पांचजन्य’ की ओर से आयोजित ‘गुड गवर्नेंस डायलॉग : मुंबई संकल्प’ कार्यक्रम में संपादक हितेश शंकर के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र और देश से जुड़े आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, पर्यावरण, कृषि, रोजगार और विकास के विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन का प्रभाव अधिक स्पष्ट रूप से सामने आया है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में सरकार के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। राज्य सरकार स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भूमि की उत्पादकता बनाए रखना, जलस्रोतों का संरक्षण और जल प्रदूषण रोकना आने वाले समय की प्रमुख चुनौतियां हैं। महाराष्ट्र में पानी की उपलब्धता और भौगोलिक असंतुलन को दूर करने के लिए दीर्घकालिक जल प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। फडणवीस ने बताया कि विदर्भ में वैनगंगा नदी के पानी को जल प्रबंधन के जरिए सूखा प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए वैनगंगा-नलगंगा नदी इंटरकनेक्शन परियोजना की योजना बनाई गई है। इससे बुलढाणा सहित विदर्भ के अन्य सूखा प्रभावित क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पश्चिमी घाट से पश्चिम की ओर बहकर समुद्र में जाने वाले अतिरिक्त पानी के उपयोग की भी योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कहीं बाढ़ तो कहीं पानी की कमी की समस्या रहती है। ऐसे में अतिरिक्त पानी के बेहतर प्रबंधन, जलाशयों में पानी पहुंचाने, नदी जोड़ो परियोजनाओं और सिंचाई के माध्यम से इसका उपयोग करने पर काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। आधार आधारित सत्यापन, ई-केवाईसी और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) से योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सुशासन का मतलब केवल प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि नागरिकों को समय पर पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एन. एच. (नाना) पालकर की पुस्तक ‘मैन ऑफ द मिलेनियम डॉ. हेडगेवार’ का विमोचन भी किया। इस अवसर पर अभिनेता एवं सांसद रवि किशन समेत विभिन्न क्षेत्रों के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव