महाराष्ट्र में भारी बारिश से अबतक दस लोगों की मौत, सात घायल, जनजीवन अस्त व्यस्त
- मुंबई, ठाणे और पालघर के निचले इलाकों में जलभराव से लोग हलकान
मुंबई, 06 जुलाई (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, पालघर और कोंकण में सोमवार को हो रही भारी बारिश से सूबे में अब तक दस लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 7 लोग घायल हैं। इस बारिश की वजह से सूबे के निचले इलाकों में जलभराव हो गया है, जिससे आम जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है। प्रशासन इन सब स्थितियों से निपटने से लिए ग्राउंड जीरो पर काम कर रही है।
महाराष्ट्र राज्य आपातकालीन विभाग की ओर से आज मिली जानकारी के अनुसार सुबे में दीवार गिरने से छह, जमीन धसकने से तीन और पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई है। इनमें ठाणे में एक व्यक्ति की दीवार गिरने से मौत हो गई है। मुंबई के मानखुर्द अवैध निर्माण ढ़हने से छह और पुणे के पाटन में जमीन धसकने से तीन लोगों की मौत शामिल है। मानखुर्द हादसे में एक घायल का इलाज जारी है, जबकि मुंबई-पुणे हाईवे पर जमीन धसकने की घटना में तीन घायलों का इलाज जारी है। इसी तरह पाटन में जमीन धसकने से तीन लोगों का भी इलाज जारी है। मानखुर्द हादसे में छह मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक पांच लाख रुपये की मदद की घोषणा आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की है। मानखुर्द हादसे में मानखुर्द पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मुंबई, ठाणे और पालघर जिले सहित राज्य के कई जिलों में सोमवार को लगातार मूसलाधार बारिश जारी है और नदियां और नहरें ओवरफ्लो होने लगी हैं। पालघर जिले की वैतरणा, तानसा, सूर्या, देहेरजा, पिंजल नदियों में काफी बाढ़ आ गई है और तानसा नदी अपने खतरे के निशान को पार कर गई है, जबकि वैतरणा नदी खतरे के निशान पर है और इस नदी का बाढ़ का पानी नदी के किनारे बसे गांवों में घुसने लगा है। जिला प्रशासन ने नदी के किनारे बसे गांवों को अलर्ट रहने की चेतावनी दी है। वैतरणा नदी में भारी बाढ़ आ गई है। पुणे जिले में लगातार बारिश के कारण इंद्रायणी नदी दो किनारों पर बह रही है और मंदिर इलाके में भी पानी जमा हो गया है। इस बीच हजारों वारकरी अलंदी पहुंच गए हैं क्योंकि संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज की पालकियां कल और परसों पंढरपुर के लिए रवाना होंगी। इस बीच प्रशासन ने लोगों से बार-बार अपील की है कि वे किसी भी हालत में इंद्रायणी नदी के किनारे या घाट इलाके के पास जाने की कोशिश न करें। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सोमवार को वारकरियों से एक ज़रूरी अपील भी की है। अभी बारिश के हालात को देखते हुए, आलंदी और देहू के लिए निकले वारकरियों से अपील की गई है कि वे आलंदी या देहू आने के बजाय पुणे से ही वारी में हिस्सा लें।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव