केंद्रीय टीम ने सोलापुर जिले में सूखे का किया निरीक्षण, किसानों से जाना नुकसान का हाल
मुंबई, 10 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्र सरकार की टीम ने शनिवार को सोलापुर जिले में सूखे की स्थिति का जायजा लेकर फसल नुकसान, पेयजल की कमी, भूजल स्तर, पशुओं के लिए चारे और पानी की उपलब्धता तथा आगामी रबी सीजन की संभावनाओं की समीक्षा की। टीम ने उत्तर सोलापुर तालुका के बेलाटी और मंगलवेढ़ा तालुका के विभिन्न गांवों का दौरा कर किसानों से संवाद किया और सूखे से हुए नुकसान की जानकारी ली।
केंद्रीय टीम का नेतृत्व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के फसल विभाग के निदेशक डॉ. के. पोनुसामी ने किया। टीम में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अबसार अहमद खान तथा खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सहायक निदेशक सुमित शर्मा शामिल थे। इस टीम ने उत्तर सोलापुर तालुका के बेलाटी गांव में किसान सुभाष जाधव के खेत का निरीक्षण किया। जाधव ने बताया कि जून के अंतिम सप्ताह में बुआई के बाद क्षेत्र में 38 दिनों तक बारिश नहीं हुई, जिससे अरहर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।
टीम प्रमुख डॉ. पोनुसामी ने किसानों से फसल पद्धति, बारिश की स्थिति, खेती पर हुए खर्च और आगामी रबी सीजन की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। टीम ने आंढलगांव में बंद पड़े हैंडपंप के साथ मक्का और मूंगफली की फसलों का निरीक्षण किया। बताया गया कि गांव में अधिकांश फसलें खराब हो चुकी हैं। कुओं का निरीक्षण करने पर भूजल स्तर में भारी गिरावट सामने आई। इसी गांव के शिवार क्षेत्र में दादोसा जाटकर के खेत में बारिश की कमी से सूख चुके अनार के बाग का निरीक्षण किया गया। इसके अलावा दत्तात्रय जाटकर के खेत में सूखे पड़े तालाब का जायजा लिया गया। किसानों ने बताया कि पानी की कमी से खेती और उनकी आमदनी पर गंभीर असर पड़ा है।
केंद्रीय टीम ने वाणीचिंचोली स्थित जल भंडारण तालाब का भी निरीक्षण किया। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में पहली बार यह तालाब पूरी तरह सूख गया है। जल भंडार खत्म होने से क्षेत्र में पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसके बाद टीम ने वाकी-घेरडी क्षेत्र में बागों तथा बैंगन और गन्ने की फसलों का निरीक्षण किया। किसानों ने बताया कि बारिश और पानी की कमी के कारण फसलों की स्थिति खराब हो गई है। इससे उत्पादन प्रभावित होने के साथ आगामी कृषि सीजन को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
इस अवसर पर राज्य के कृषि आयुक्त सुरेश मांढरे, जिला कलेक्टर एस. कार्तिकेयन, मंगलवेढ़ा के विधायक समाधान अवताड़े, कृषि के संयुक्त निदेशक सुभाष काटकर, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक लालसाहेब ताम्बड़े, जिला कृषि अधीक्षक शुक्राचार्य भोसले, निवासी उपजिलाधिकारी अभिजीत पाटिल, जिला परिषद सदस्य पृथ्वीराज माने, प्रांतीय अधिकारी सदाशिव पड्डुने, उत्तर सोलापुर के तहसीलदार नीलेश पाटिल, तालुका कृषि अधिकारी रामचंद्र माली, मंगलवेढ़ा के उपविभागीय अधिकारी अमित माली, मंगलवेढ़ा के तहसीलदार मदन यादव, सांगोला की तहसीलदार बालूबाई भागवत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव