महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित इलाकों में केंद्रीय टीम ने फसलों के नुकसान का लिया जायजा
मुंबई, 09 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ में सूखे की स्थिति तथा फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंची केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयीन टीम ने शुक्रवार को सूबे के विभिन्न जिलों के प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। टीम ने खेतों में जाकर फसलों की स्थिति देखी और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं।
मुख्यमंत्री सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार छत्रपति संभाजीनगर जिले के देमनी इलाके में टीम ने किसान विलास देवीदास शिंदे के गट नंबर 84 में स्थित एक हेक्टेयर 20 आर क्षेत्र में लगी सोयाबीन की फसल का निरीक्षण किया। बारिश नहीं होने के कारण पूरी फसल बर्बाद हो गई है। टीम ने किसानों से चर्चा कर फसल नुकसान और सूखे के प्रभाव की जानकारी ली। जालना जिले में टीम ने बदनापुर तालुका के नानेगांव तथा अंबाड तहसील के किंगगांववाड़ी और जामखेड़ में फसलों का निरीक्षण किया। टीम ने बारिश की कमी, फसलों की वृद्धि, सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता और संभावित नुकसान का आकलन किया। किसानों ने बढ़ती उत्पादन लागत, पानी की कमी और फसल बर्बादी से जुड़ी समस्याएं रखीं। उन्होंने उचित मुआवजे, आर्थिक सहायता और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग की। इसी तरह वाशिम में केंद्रीय टीम ने अमरावती संभाग के पांच जिलों में सूखे और फसल नुकसान की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद वाशिम तहसील के सुपखेला, मंगरुलपीर तहसील के स्वासिन और कोठारी, मनोरा तालुका के कुप्टा तथा करंजा तहसील के कलिकरांजा और पनविहिर गांवों में खेतों का निरीक्षण किया। टीम ने किसानों से संवाद कर नुकसान की जानकारी ली और स्वासिन में लघु सिंचाई परियोजना का भी जायजा लिया। दौरा पूरा करने के बाद केंद्रीय टीम यवतमाल जिले के लिए रवाना हो गई।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुक्तानंद अग्रवाल के नेतृत्व वाली टीम में महालनोबिस राष्ट्रीय फसल पूर्वानुमान केंद्र के उपनिदेशक सुनील कुमार दुबे, नीति आयोग के सलाहकार डॉ. जसपाल सिंह और पशुपालन एवं डेयरी विभाग की पशुधन अधिकारी डॉ. साक्षी भदौरिया, राज्य कृषि सचिव परिमल सिंह, जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी. सी. और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव