सीबीआई ने पुणे में रक्षा सौदे में रिश्वत के आरोप में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया

 

मुंबई, 15 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने रक्षा क्षेत्र में कथित रिश्वतखोरी और संवेदनशील जानकारी साझा करने के मामले में रक्षा कंपनी म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल कुमार, निजी गोला-बारूद निर्माता कंपनी एसएमपीपी लिमिटेड के सीईओ आशीष कंसल और अनिल कुमार के भाई बी. हर्षवर्धन को गिरफ्तार किया है। यह मामला करीब 500 करोड़ रुपये के गोला-बारूद आपूर्ति अनुबंध से जुड़ा है।

इस मामले की छानबीन कर रहे सीबीआई अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि अनिल कुमार पर सरकारी कामों में अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले निजी ठेकेदारों और वेंडरों से कथित तौर पर रिश्वत मांगने और लेने के आरोप हैं। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि क्या रक्षा उत्पादन, खरीद प्रक्रिया और सरकारी कंपनी की रणनीतिक गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी निजी पक्षों के साथ साझा की गई थी। अब तक की जांच में पता चला है कि एसएमपीपी लिमिटेड को करीब 500 करोड़ रुपये का गोला-बारूद आपूर्ति अनुबंध मिला है। इस समझौते के तहत कंपनी को एक वर्ष तक म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड को गोला-बारूद की आपूर्ति करनी थी। इस मामले में एसएमपीपी के सीईओ आशीष कंसल अनिल कुमार के नियमित संपर्क में थे। जांच एजेंसी को संदेह है कि अनुबंध से जुड़े सरकारी कामकाज और निर्णय प्रक्रिया के दौरान कुछ निजी ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया हो सकता है।

सीबीआई कथित रिश्वत के लेन-देन, अनुबंध से संबंधित फैसलों और संवेदनशील रक्षा सूचनाओं के संभावित खुलासे की कडिय़ों की जांच कर रही है। इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने अनिल कुमार से संबंधित परिसर से बड़ी मात्रा में नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। सीबीआई यह भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर अवैध रूप से प्राप्त धन का इस्तेमाल कहां किया गया और क्या उसे छिपाने के लिए परिवार के सदस्यों या अन्य लोगों के खातों के माध्यम से लेन-देन किया गया। जांच एजेंसी को संदेह है कि कथित अवैध रकम को छिपाने या अपने पास रखने के लिए अनिल कुमार के भाई, पत्नी और अन्य रिश्तेदारों की मदद ली गई हो सकती है। मामले में उनके भाई बी. हर्षवर्धन की गिरफ्तारी की गई है। संबंधित बैंक खातों में हुए लेन-देन, रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल की जांच की जा रही है। इस मामले की गहन छानबीन जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव