तेलंगाना ने एलएंडटी से खरीदी हैदराबाद मेट्रो, आईआरएफसी से लिया 13,527 करोड़ रु. का ऋण
नई दिल्ली, 25 मई (हि.स.)। तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद मेट्रो का लार्सन एंड टूब्रो मेट्रो रेल लिमिटेड से अधिग्रहण कर लिया है और इसके लिए रेल मंत्रालय के अधीन नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम भारतीय रेल वित्त निगम लिमिटेड (आईआरएफसी) से साढ़े 13 हजार करोड़ रुपये का किफायती ऋण लिया है।
आईआरएफसी ने सोमवार को यहां एलएंडटी मेट्रो रेल (हैदराबाद) लिमिटेड के साथ 13,527 करोड़ रुपये के एक ऐतिहासिक टर्म लोन समझौते पर हस्ताक्षर किए। आईआरएफसी के सीएमडी एवं सीईओ मनोज कुमार दुबे तथा तेलंगाना के मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
यह पुनर्वित्तपोषण एलएंडटी मेट्रो रेल (हैदराबाद) लिमिटेड के 100 प्रतिशत स्वामित्व को लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड से हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड के माध्यम से तेलंगाना सरकार को हस्तांतरित किए जाने के बाद किया जा रहा है। इस हस्तांतरण के बाद अब हैदराबाद मेट्रो नेटवर्क पूरी तरह से राज्य सरकार के स्वामित्व वाली सार्वजनिक परिवहन परिसंपत्ति बन गया है, जिससे इसके चरणबद्ध विस्तार के लिए एक मजबूत वित्तीय आधार तैयार होगा।
इसे देश के शहरी परिवहन क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण पुनर्वित्त (रिफाइनेंसिंग) लेन-देन में से एक माना जा रहा है। दुबे के अनुसार इस सौदे में ऋण की राशि 13,527 करोड़ रुपये होगी। ऋण की अवधि 20 वर्ष होगी और इसे त्रैमासिक भुगतान संरचना के साथ चुकता किया जाएगा। हैदराबाद मेट्रो रेल परियोजना की ऋण देनदारियों के पुनर्वित्तपोषण की परियोजना प्रोसेसिंग फीस, कमिटमेंट चार्ज या प्री-पेमेंट पेनल्टी से पूरी तरह मुक्त होगी।
इस सौदे के बारे में दुबे ने कहा कि इस लेन-देन को बेहद मजबूत सुरक्षा ढांचा प्रदान किया गया है। इसके तहत तेलंगाना सरकार द्वारा आईआरएफसी के सभी भुगतानों के लिए बिना शर्त और अपरिवर्तनीय आश्वासन, राज्य सरकार की गारंटी तथा रिजर्व बैंक समर्थित डायरेक्ट डेबिट मैकेनिज्म शामिल हैं।
मनोज कुमार दुबे ने कहा, यह लेन-देन दर्शाता है कि बड़े पैमाने की शहरी अवसंरचना परियोजनाओं को भारत में ही दीर्घावधि और कुशल वित्तीय संरचनाओं के माध्यम से वित्तपोषित किया जा सकता है। आईआरएफसी भारतीय बचत को भारतीय बुनियादी ढांचे में, भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप लगाने के लिए एक भरोसेमंद घरेलू वित्तीय भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभाने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी दरों पर और सरकार समर्थित ढांचे के अंतर्गत इस ऋण का पुनर्वित्तपोषण कर हैदराबाद मेट्रो की दीर्घकालिक वित्तीय मजबूती सुनिश्चित की जा रही है, ताकि शहरवासियों को किफायती, विश्वसनीय और प्रभावी शहरी परिवहन सेवाएं मिलती रहें। यह पहल सरकार के 'विकसित भारत' विजन के भी पूरी तरह अनुरूप है।
दुनिया की सबसे बड़ी पीपीपी मेट्रो परियोजनाओं में शामिल हैदराबाद मेट्रो रेल फेज-1 वर्तमान में 69.2 किलोमीटर लंबे तीन कॉरिडोर और 57 स्टेशनों में फैला हुआ है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित दुनिया की सबसे बड़ी मेट्रो परियोजनाओं में से एक है। यह नेटवर्क रोजाना 5 लाख से अधिक यात्रियों को अपनी सेवाएं दे रहा है। इस नए वित्तीय सहयोग से तेलंगाना सरकार को नए कॉरिडोर सहित हैदराबाद मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को गति देने और उभरते विकास क्षेत्रों तक पर्यावरण-अनुकूल कनेक्टिविटी पहुंचाने में मदद मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन बुधौलिया