15 साल से फरार शीर्ष माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश को एसटीएफ ने पकड़ा, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की पुलिस की सराहना
-कोलकाता एसटीएफ ने पूर्व मेदिनीपुर के पाटाशपुर से पकड़ा- झारखंड, ओडिशा और बंगाल में 55 से अधिक गंभीर मामलों में था वांटेड
कोलकाता, 17 सितंबर (हि.स.)। सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के पाटाशपुर के लालाट इलाके से शीर्ष माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश को गिरफ्तार किया है।
मंडल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य और पश्चिम बंगाल राज्य समिति-1 का सचिव बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से अलग-अलग राज्यों के जंगलों में छिपकर पुलिस को चकमा दे रहा था।
मुख्यमंत्री ने एसटीएफ की कार्रवाई की सराहना की
गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता पुलिस एसटीएफ के अधिकारियों और जवानों की सराहना की। उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि सटीक तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई राज्य पुलिस की क्षमता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य की सीमाओं के भीतर माओवादी नेटवर्क को फिर से खड़ा करने या उसका विस्तार करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी उग्रवादी विचारधारा को राज्य के लोगों की सुरक्षा और विकास को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगी और चरमपंथी समूहों की किसी भी गतिविधि के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
असीम मंडल पर था 2.20 करोड़ रुपये का इनाम
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, असीम मंडल क्षेत्र के प्रमुख वांछित माओवादी नेताओं में शामिल था। उसके सिर पर कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इसमें झारखंड सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार की ओर से 1.20 करोड़ रुपये का इनाम शामिल बताया गया है।
एजेंसियों के अनुसार, असीम मंडल झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में दर्ज 55 से अधिक गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था।
सारंडा और कोल्हान में सक्रिय रहने का आरोप
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, असीम मंडल पिछले कई वर्षों से झारखंड के सारंडा और कोल्हान के जंगलों में सक्रिय रहा था। उस पर आईईडी विस्फोट और घात लगाकर किए गए हमलों के जरिए सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की साजिश में शामिल होने का आरोप है। इन अभियानों में कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर के जवानों को निशाना बनाए जाने की बात भी एजेंसियों ने कही है।
गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां असीम मंडल से जुड़े नेटवर्क, उसके पिछले ठिकानों और विभिन्न राज्यों में उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी हैं। एजेंसियां उसके खिलाफ दर्ज मामलों और माओवादी संगठन में उसकी भूमिका से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता