उग्रवादी हमले के विरोध में मणिपुर में ट्रक सेवाएं ठप, राजमार्गों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग

 


इंफाल, 30 मई (हि.स.)। मणिपुर में एक ट्रक चालक की उग्रवादी हमले में मौत के विरोध में शनिवार को सैकड़ों ट्रक चालकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (इंफाल-जिरीबाम मार्ग) पर परिवहन सेवाएं ठप कर दीं। प्रदर्शनकारी चालकों ने राज्य के प्रमुख राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और व्यावसायिक वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग की।

यह विरोध प्रदर्शन 29 मई को इंफाल-उखरूल मार्ग के टीएम कासोम क्षेत्र में हुए सशस्त्र हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें पश्चिम बंगाल के एक ट्रक चालक की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिवहन क्षेत्र से जुड़े कर्मियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

आंदोलन के तहत एलपीजी बुलेट टैंकरों, तेल टैंकरों और मालवाहक ट्रकों सहित करीब 400 वाहन केइथेलमानबी क्षेत्र में खड़े रहे। इस दौरान चालक मृतक को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए और संवेदनशील मार्गों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों ने व्यावसायिक वाहनों और परिवहन कर्मियों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-102 (इंफाल-डिमापुर मार्ग) को पूरी तरह खोलने की मांग भी की। ट्रक चालक संगठनों का कहना है कि यह राजमार्ग राज्य की आपूर्ति व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके सुचारु संचालन से परिवहन व्यवस्था को राहत मिलेगी।

ट्रक चालक संगठनों के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि जब तक सुरक्षा के पर्याप्त उपाय लागू नहीं किए जाते और एनएच-102 पर सामान्य आवागमन बहाल नहीं होता, तब तक परिवहन सेवाएं बंद रहेंगी।

परिवहन सेवाओं के ठप होने से राज्य में ईंधन, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई तत्काल घोषणा नहीं की गई है।

प्रदर्शन के चलते राज्य में आपूर्ति व्यवस्था और जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश