मणिपुर में राजमार्ग बंदी प्रदर्शन हिंसक, सुरक्षा बलों-प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में तीन लोग घायल
इंफाल, 22 जून (हि.स.)। मणिपुर के कांगपोकपी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर सोमवार को आयोजित आपातकालीन बंदी प्रदर्शन हिंसक हो गया। न्यू कीथेलमनबी क्षेत्र में राजमार्ग अवरुद्ध करने का प्रयास कर रहे कुकी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प में कम से कम तीन लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
कुकी नागरिक समाज संगठनों द्वारा बुलाया गया राजमार्ग बंद लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी कुकी बहुल गांवों में कथित रूप से चलाए जा रहे सुरक्षा अभियानों का विरोध कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग पर एकत्र हुए और वाहनों की आवाजाही रोकते हुए सुरक्षा अभियानों को तत्काल बंद करने की मांग करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हाल के दिनों में सुरक्षा बलों द्वारा उनके क्षेत्रों में चुनिंदा और लक्षित कार्रवाई की जा रही है, जिससे समुदाय के लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति उस समय बिगड़ गई जब सुरक्षा बलों ने राजमार्ग पर यातायात बहाल कराने और प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर ब्लैंक फायरिंग, स्मोक बम और अन्य दंगा-नियंत्रण उपायों का इस्तेमाल किया। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग इधर-उधर भागने लगे।
कुकी इनपी साउथ वेस्ट सदर हिल्स (केआईएसडब्ल्यू-एसएच) ने घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े, ब्लैंक गोला-बारूद का उपयोग किया और लाठीचार्ज किया। संगठन का दावा है कि झड़प में कम से कम तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
अपने बयान में केआईएसडब्ल्यू-एसएच ने कहा कि प्रशासन ने लोगों की चिंताओं और शिकायतों को सुनने के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपनाया है। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन कुकी बहुल क्षेत्रों में कथित भेदभावपूर्ण और लक्षित तलाशी अभियानों के विरोध में शुरू किया गया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि ऐसे अभियानों को तुरंत रोका जाए और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित किया जाए।
संगठन ने क्षेत्र में जारी जातीय तनावों के लिए एनएससीएन-आईएम और उसके कथित सहयोगी जेडयूएफ-कैमसन गुट को जिम्मेदार ठहराते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा विरोध-प्रदर्शन तेज किए जाएंगे।
फिलहाल क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।------------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश