हिंसा और विस्थापन के बीच मणिपुर में जनगणना स्थगित की जाए : कांग्रेस

 


नई दिल्ली, 20 अगस्त (हि.स.)। कांग्रेस ने मणिपुर में पिछले तीन वर्ष से जारी हिंसा और बड़े पैमाने पर विस्थापन को देखते हुए जनगणना प्रक्रिया तत्काल स्थगित करने की मांग की है। इनर मणिपुर से लोकसभा सांसद प्रो. ए बिमोल अकोइजाम ने कहा कि जब हजारों विस्थापित लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं और बड़ी संख्या में गांव एवं घर तबाह हो चुके हैं, ऐसे में हाउस लिस्टिंग और जनगणना कराना प्रभावित लोगों के साथ अन्याय होगा।

कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार को पत्रकार वार्ता में अकोइजाम ने कहा कि तीन मई 2023 से जारी हिंसा के कारण मणिपुर में करीब 60 हजार लोग अब भी बेघर हैं और इनमें से अधिकांश राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने दावा किया कि संघर्ष के दौरान 10 हजार से अधिक घर नष्ट हुए हैं और कई गांव पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। हिंसा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और इसका असर उन जिलों तक भी पहुंच चुका है, जिन्हें पहले अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता था।

अकोइजाम ने कहा कि कांग्रेस जनगणना रोकने की मांग नहीं कर रही है, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों में इसे आगे बढ़ाने के बजाय स्थगित करने की मांग कर रही है। जब प्रभावित गांवों के हजारों लोग अपने घरों में नहीं हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं, तो घरों की सही तरीके से नंबरिंग और सूची तैयार करना कैसे संभव होगा। इतने बड़े पैमाने पर विस्थापन के बीच सटीक हाउस लिस्टिंग व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

कांग्रेस सांसद ने मणिपुर में कथित अवैध प्रवासन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासन हुआ है और नई जनगणना शुरू करने से पहले आबादी से जुड़े पुराने तथा अनसुलझे सवालों का समाधान किया जाना चाहिए।

अकोइजाम 2001 और 2011 की जनगणना के बाद से मणिपुर में जनसंख्या को लेकर बने रहे सवालों का जिक्र करते हुए कुछ स्वतंत्र अध्ययनों का हवाला दिया। उन्होंने ने कहा कि बेंगलुरु की एक यूनिवर्सिटी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के स्वतंत्र विद्वानों के अध्ययनों में मणिपुर की आबादी में हुई असामान्य वृद्धि को सामान्य जनसांख्यिकीय कारणों से समझना मुश्किल बताया गया है।

अकोइजाम ने केंद्र और राज्य सरकार से प्रदेश में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की प्रक्रिया शुरू करने और विदेशी नागरिक न्यायाधिकरण गठित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इससे यह निर्धारित करने में मदद मिलेगी कि कौन भारतीय नागरिक हैं और कौन नहीं।

उन्होंने पड़ोसी म्यांमार के चिन राज्य की आबादी में कथित गिरावट और मणिपुर की आबादी में वृद्धि के बीच तुलना करते हुए कहा कि इस संबंध में विस्तृत और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रदेश के लोग अवैध प्रवासियों और विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए उचित, पारदर्शी और न्यायसंगत प्रक्रिया चाहते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर