मप्र एसटीएसएफ ने तेंदुओं के शिकार और तस्करी गिरोह का 9वां आरोपित दिल्ली से गिरफ्तार
- पकड़ा गया आरोपित वाइल्डलाइफ एसओएस में कार्यरत
भोपाल, 13 अगस्त (हि.स.) । तेंदुओं के शिकार एवं तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान में मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित गिरोह के 9वें आरोपित को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस मुख्यालय भोपाल से गुरुवार को बताया गया कि इस मामले में 23 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के आगरा में 10 तेंदुओं की खाल के साथ तस्करों को पकड़ा गया था। यह शिकार क्षेत्र चीता लैंडस्केप में शामिल है, इसलिए संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए मामले में संलिप्त सभी आरोपितों की गहन तलाश जारी है। मामले के तार मध्य प्रदेश से जुड़े पाए जाने पर एसटीएसएफ मध्य प्रदेश और स्थानीय वन अमले की संयुक्त टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 शिकारियों को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर श्योपुर और मुरैना जिलों से बड़ी मात्रा में तेंदुओं के अवशेष और कंकाल बरामद किए गए। आरोपितों ने कुल 10 तेंदुओं का शिकार करना स्वीकार किया है। इनमें 6 शिकार कूनो वन्यजीव वनमंडल, 2 श्योपुर वनमंडल और 2 चंबल अभयारण्य, मुरैना वनमंडल क्षेत्र में किए जाने की पुष्टि हुई है। शिकार में इस्तेमाल किए गए 3 लेग होल्ड ट्रैप भी जब्त किए गए हैं। प्रकरण में विवेचना जारी है। संगठित गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
बताया गया कि प्रकरण में उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मध्य प्रदेश एसटीएसएफ और केंद्र सरकार के वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी), नई दिल्ली के संयुक्त दल ने बीते मंगलवार को नई दिल्ली से एक आरोपित को गिरफ्तार किया था। लगातार जारी तलाश में गिरोह के एक और मुख्य आरोपी वसीम अकरम, पिता नसीम अहमद, निवासी उत्तम नगर, नई दिल्ली को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। उल्लेखनीय है कि आरोपी वसीम वाइल्डलाइफ एसओएस में कार्यरत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत