माघ मेले में संतों की गरिमा का रखना चाहिए ख्याल : रेवती रमण सिंह
पूर्व सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह तीन घंटे हाउस अरेस्ट
प्रयागराज, 19 जनवरी (हि.स.)। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई घटना से दुखी पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता कुंवर रेवती रमण सिंह ने हाउस अरेस्ट के बाद शंकराचार्य के आश्रम जाकर उनसे मुलाकात की और उनके साथ हुए व्यवहार पर गहरा दुख व्यक्त किया।
पूर्व सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने बताया कि मुलाकात के दौरान शंकराचार्य ने बताया कि मौनी अमावस्या पर जब अपनी पालकी और समर्थकों के साथ संगम स्नान के लिए जा रहे थे, तब पुलिस और प्रशासन ने 'नो-व्हीकल जोन' और भारी भीड़ का हवाला देकर उन्हें रोक दिया और अनुयायियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई।
प्रशासन के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार किया, जिसमें कई लोग चोटिल भी हुए।
उन्होंने बताया इस अपमान से क्षुब्ध होकर शंकराचार्य बिना स्नान किए अपनी पालकी लेकर वापस आश्रम लौट आए। उन्होंने प्रशासन से माफी की मांग करते हुए अन्न-जल त्याग दिया और धरने पर बैठ गए।
पूर्व सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और सनातन परंपरा का अपमान बताया।
उन्होंने प्रशासन के रवैये की आलोचना की और कहा कि एक धर्मगुरु के साथ ऐसा व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मांग कि प्रशासन को अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए और माघ मेले जैसी व्यवस्थाओं में संतों की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल