₹3,729 करोड़ के निवेश से बदलेगी मध्यप्रदेश के पर्यटन की तस्वीर- लक्जरी होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, गोल्फ कोर्स और वन्यजीव लॉज विकसित होंगे
- ट्रैवल मार्ट के सातवें संस्करण में निजी निवेशकों ने दिखाई रुचि, हजारों रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद
- प्रमुख पर्यटन केंद्रों के साथ दूरदराज के क्षेत्रों में भी आधुनिक सुविधाओं के विस्तार की तैयारी
भोपाल, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मध्यप्रदेश में पर्यटन को बड़े आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में निजी निवेश की महत्वपूर्ण संभावनाएं सामने आई हैं। ट्रैवल मार्ट के सातवें संस्करण में निजी क्षेत्र से लगभग ₹3,729 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ये प्रस्ताव प्रदेश के पर्यटन बाजार में निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाते हैं। इनके माध्यम से लक्जरी होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, गोल्फ कोर्स, वॉटरफ्रंट रिट्रीट और वन्यजीव लॉज जैसी आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
उल्लेखनीय है कि प्रस्तावित निवेश धरातल पर उतरता है तो प्रदेश की आतिथ्य क्षमता में व्यापक विस्तार होगा। धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों से आगे बढ़कर मध्यप्रदेश स्वास्थ्य एवं विश्राम पर्यटन, प्रकृति आधारित अवकाश, वन्यजीव अनुभव और प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर सकेगा। निर्माण से लेकर होटल प्रबंधन, परिवहन, खानपान, हस्तशिल्प और स्थानीय सेवा क्षेत्र तक रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सीहोर से मांडू और खजुराहो तक निवेश की तैयारी
ट्रैवल मार्ट में सामने आए निवेश प्रस्तावों में कई बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। सीहोर जिले के रामगढ़ में गोल्फ कोर्स, होटल विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित करने के लिए ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ₹848.40 करोड़ के निवेश का समझौता हुआ है। इससे लगभग 920 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई है। इस परियोजना से भोपाल के आसपास प्रीमियम पर्यटन और खेल आधारित पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों ने भी प्रदेश में विस्तार की योजनाएं सामने रखी हैं। एटमॉस्फियर ग्रुप ने उज्जैन, इंदौर और प्रमुख वन्यजीव पर्यटन क्षेत्रों में करीब ₹500 करोड़ के निवेश की योजना बताई है। रेनी ग्रुप ने मांडू, खजुराहो और सीधी सहित विभिन्न स्थानों पर ₹290 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव रखे हैं। इनमें मांडू की ऐतिहासिक लूनेरा सराय को होटल के रूप में विकसित करने और खजुराहो में कुटनी बांध के समीप वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट की योजना भी शामिल है।
वन्यजीव पर्यटन में भी निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई क्षेत्र में लगभग ₹100 करोड़ की लागत से अल्ट्रा-लक्जरी वन्यजीव रिसॉर्ट विकसित करने की योजना सामने आई है। कान्हा, पेंच, बांधवगढ़, पन्ना और अन्य वन्यजीव क्षेत्रों में भी प्रकृति आधारित पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटकों को जंगल और वन्यजीवों के अनुभव के साथ बेहतर आवास, स्थानीय खानपान और व्यवस्थित पर्यटन सेवाएं उपलब्ध कराना है।
प्रदेश में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए पर्यटन नीति के अंतर्गत पात्र परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के अनुसार प्रोत्साहन देने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। इससे होटल, रिसॉर्ट, हेरिटेज पर्यटन, वेलनेस केंद्र और अन्य पर्यटन सुविधाओं के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ती है।
रोजगार सृजन के लिहाज से भी इन परियोजनाओं का महत्व व्यापक है। होटल और रिसॉर्ट के निर्माण के दौरान श्रमिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को काम मिलेगा। संचालन शुरू होने के बाद होटल प्रबंधन, रसोई, हाउसकीपिंग, सुरक्षा, परिवहन और पर्यटक मार्गदर्शन जैसे क्षेत्रों में रोजगार पैदा होंगे। स्थानीय किसानों से खाद्य सामग्री की खरीद, हस्तशिल्प की बिक्री और ग्रामीण होम-स्टे के विकास से छोटे उद्यमियों को भी लाभ मिल सकता है।
उल्लेखनीय है कि ट्रैवल मार्ट में प्राप्त ₹3,729 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के विस्तार का महत्वपूर्ण अवसर हैं। मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक स्थापत्य, जैव-विविधता और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से 'मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट' (MPTM 2026) के सातवें संस्करण का आयोजन सात से 10 अक्टूबर 2026 तक भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में किया गया था। उक्त आयोजन राज्य के पर्यटन परिदृश्य का अब तक का सबसे विशाल और रणनीतिक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) नेटवर्किंग मंच सिद्ध हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सात अक्टूबर, बुधवार को मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ किया गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी